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ढह गया पुश्तैनी कच्चा मकान, परिवार बेघर
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 29 Apr 2015 11:03 PM IST
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कोयलसा विकास खंड के लहरपार गांव में बुधवार की भोर में गांव निवासी भालचंद बरनवाल पुत्र स्व. तपेश्वर बरनवाल का कच्चा मकान धराशायी हो गया। इस घटना में एक गाय और बछिया घायल हो गई।
लहरपार गांव निवासी भालचंद बरनवाल का पुश्तैनी कच्चा मकान था। जिसमें भूकंप के दौरान जगह-जगह से दरारें पड़ गई थीं। इसके कारण परिवार के लोग घर के बाहर सोते थे। मंगलवार की सुबह आई तेज हवा-बारिश ने मकान की हालत और खराब कर दी। रात को घर के सदस्य खाना खाकर घर के बाहर सोए।
बुधवार की भोर में मकान धराशायी हो गया। इससे मकान में बंधी गाय और बछिया घायल हो गई। वहीं, भालचंद के परिवार के पास खाने का सारा सामान मकान के मलबे में दबकर नष्ट हो गया। परिवार के सदस्यों के पास सिर्फ शरीर पर पड़े कपड़े बचे हैं। भालचंद फेरी लगाकर अनाज खरीदने-बेचने का कार्य करता है।
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मकान गिरने से अब उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह किस प्रकार से परिवार का भरण पोषण करें। बीडीसी सदस्य सूदेश्वर सिंह ने घटना की सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचा और मौका मुआयना किया।
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लहरपार गांव निवासी भालचंद बरनवाल का पुश्तैनी कच्चा मकान था। जिसमें भूकंप के दौरान जगह-जगह से दरारें पड़ गई थीं। इसके कारण परिवार के लोग घर के बाहर सोते थे। मंगलवार की सुबह आई तेज हवा-बारिश ने मकान की हालत और खराब कर दी। रात को घर के सदस्य खाना खाकर घर के बाहर सोए।
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बुधवार की भोर में मकान धराशायी हो गया। इससे मकान में बंधी गाय और बछिया घायल हो गई। वहीं, भालचंद के परिवार के पास खाने का सारा सामान मकान के मलबे में दबकर नष्ट हो गया। परिवार के सदस्यों के पास सिर्फ शरीर पर पड़े कपड़े बचे हैं। भालचंद फेरी लगाकर अनाज खरीदने-बेचने का कार्य करता है।
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मकान गिरने से अब उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह किस प्रकार से परिवार का भरण पोषण करें। बीडीसी सदस्य सूदेश्वर सिंह ने घटना की सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचा और मौका मुआयना किया।