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काम चरित नारद सब भाषे...

Sat, 01 Oct 2016 11:58 PM IST
शैलेंद्र मणि त्रिपाठी/आजमगढ
शैलेंद्र मणि त्रिपाठी/आजमगढ Updated Sat, 01 Oct 2016 11:58 PM IST
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ramlila in nagar kotwali
पुरानी कोतवाली में श्रीरामलीला मंचन के पहले दिन श्रीराम का तिलक करतीं नगरपालिका अध्यक्ष इंदिरा जायसवाल।
नगर के पुरानी कोतवाली में होने वाली रामलीला की शुरुआत शुक्रवार की रात मुकुट पूजन और नारद मोह के मंचन से हुई। मंचन में नारद के बंदर रूप ने लोगों को लोट-पोट कर दिया। दरभंगा बिहार से आए कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों की दर्शकों ने तालियों बजाकर सराहाना की। बीच-बीच में भगवान श्रीराम के लग रहे जयकारों से वातावरण श्रीराममय हो गया था। 
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 काम चरित नारद सब भाषे, यद्यपि प्रथम वरजि शिव राके...चौपाई के साथ नारद मोह प्रसंग की लीला शुरू हुई। इसी क्रम में नारद के घमंड को तोड़ने के लिए श्री विष्णु भगवान ने नारद को बंदर का रूप देते हैं। इसके बाद नारद श्रीनगर के राजा की पुत्री से शादी करने जाते हैं। राजा के दरबार में बंदर के रूप को देख लोग खूब हंसते हैं। इसी बीच शंकर जी के भेजे गए दो गणों ने नारद को उनका बंदर वाला चेहरा दिखाते हैं। अपने इस रूप को देख नारद क्रोधित हो जाते हैं और वहां से चले जाते हैं।
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साथ ही नारद दोनों गणों को शाप देते हैं कि जाओ तुम दोनों राक्षस बन जाओगे। मंचन के दौरान नारद के बंदर के रुप को देख दर्शक हंसते-हंसते लोट-पोट हो जाते हैं। रामलीला का शुभारंभ नगरपालिका अध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल ने आरती करके किया। इस मौके पर दीनू जायसवाल, कमल गुप्ता, स्वतंत्र कुमार, डा. राजेंद्र अग्रवाल, सुरेश केशरी, रामप्रसाद, संतोष, सुरेश जायसवाल, त्रिलोकी आदि उपस्थित थे। संचालन संयोजक विभाष सिन्हा ने किया। 
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 निजामाबाद संवाददाता के अनुसार नगर पंचायत निजामाबाद श्रीराम लीला कमेटी के तत्वावधान में मंगलवार की रात श्रीराम के वन जाने और पिता के पुत्र मोह का मंचन शुरू हुआ। मंचन के क्रम में वशिष्ठ मुनि श्रीराम से कहते हैं कि विधि के विधान को कोई टाल नहीं सकता, अत: हे राम जाओ और पिता के आदेश का पालन करो। सभी गुरुजनों, माता-पिता आदि का आशीर्वाद लेकर श्रीराम वन के लिए निकल पड़ते हैं। भगवान श्रीराम को अयोध्यावासियों ने नम आंखों से विदाई दी। मंचन के क्रम में अयोध्या से निकलकर श्रीराम सेबरी के आश्रम पहुंचते हैं। इस दौरान भगवान श्रीराम के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा।
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