निजामाबाद। तहसील क्षेत्र में निजामाबाद कस्बे में हरी सब्जी मंडी का कारोबार बड़े पैमाने पर किया जाता है। बरसात में हरी सब्जी पर इस समय काफी मार पड़ी है। किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। खेतों में पानी लगा हुआ है जिससे किसान काफी परेशान हैं।
क्षेत्र के कोडर, बेगपुर, जमालपुर, बेगपुर आइमा, फराहाबाद, असनी जैसे कई गांव से हरी सब्जी का कारोबार किसान बड़े पैमाने पर करते हैं। इस समय लगातार तमसा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से किसानों की हरी सब्जी ज्यादातर पानी में डूब चुकी है। जो शेष हरी सब्जियां किसानों के खेतों में बची हुई हैं उनका रेट आसमान छूने लगा है। जो सब्जियां 5 से 10 रुपये किलो में बिक रही थी। वह सीधे 40 से 50 रुपये किलो में बिक रही हैं। आम जनमानस को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की सब्जी की फसल बर्बाद हो रही है। किसान खेतों में लगी सब्जियों को निकाल नहीं पा रहा है जिसके कारण किसान भी काफी मायूस है। अमित मौर्य ने कहा कि बरसात अचानक होने की वजह से भारी नुकसान हम लोगों को सहना पड़ा है। उसके बाद तमसा नदी का जलस्तर इस कदर बढ़ रहा है कि जो फसल बची थी वह भी पानी की भेंट चढ़ रही है जिससे हम लोग काफी परेशान हैं। महेंद्र मौर्य ने कहा कि तमसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने की वजह से मेरे हरी सब्जी की कई फसलें जैसे लौकी, तोरई, बैगन, पालक, मूली आदि पानी में डूब गई है। काफी लंबा नुकसान इस वक्त तमसा नदी के जलस्तर बढ़ जाने की वजह से हुआ है। अवधेश मौर्य ने कहा कि अचानक हुई बरसात ने हम किसानों के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। हम लोग दिन प्रतिदिन मेहनत करके हरी सब्जी पैदा कर उसे बेचकर परिवार चलाते हैं लेकिन अचानक बारिश में पूरी फसल डूबकर बर्बाद हो गई। खेतों में पानी जमा है। इंद्रासन मौर्य ने कहा कि बारिश का असर अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि तमसा ने भी अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। खेतों में पानी लग गया है। जिसमें पूरी फसल डूबी हुई है। जो फसल तैयार है पानी के कारण उसे भी नहीं निकाल पा रहे हैं। जिससे काफी नुकसान हुआ है।