देश की आजादी के बाद जिले में तमाम विकास कार्य हुए लेकिन मुबारकपुर क्षेत्र में तमसा नदी पर पक्का पुल नहीं बनाया जा सका। मुबारकपुर, दाऊदपुर, भीवरी-बसौधा, सलारपुर, पियरोपुर आदि गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय जाने के ळिए तमसा नदी पर बने बांस-बल्ली के पुल (चह) को पार करना पड़ रहा है। बाइक सवार जान जोखिम में डालकर इस चह से गुजरते हैं।
तमसा पर पक्का पुल बनाने की मांग लोग वर्षों से उठा रहे हैं लेकिन यह कार्य नहीं हो सका। यदि पक्का पुल बन जाए तो सदर और मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांव एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। मुबारकपुर क्षेत्र के दाऊदपुर-ककरहटा कोलघाट पुल आज भी बांस-बल्ली का है। लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। इस विधानसभा के दाऊदपुर, भीवरी बसौधा, सलारपुर, पियरोपुर, ढकवा गांव के करीब 25 हजार लोग इस पुल से ही आवागमन करते हैं। वहीं तमसा नदी के दूसरी छोर पर सदर विधानसभा का उकरौड़ा, मनचोभा आदि दर्जनों गांव हैं। एक मात्र यही पुल है जो दोनों विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ता है। सामान्य दिनों में तो लोग इसी चह से आवागमन करते हैं। इस चह को पारकर मुबारकपुर विधानसभा के लोग मात्र 12 किमी की दूरी तय कर जिला मुख्यालय आ जाते हैं। वहीं बारिश के मौसम में लकड़ी के इस पुल पर आवागमन बंद हो जाता है जिसके कारण लोगों को करीब 25 किमी की दूरी तय कर अमिलो से मुबारकपुर सठियांव होते हुए जिला मुख्यालय आना पड़ता है। यदि यहा पुल बन जाए तो लोगों को समस्या से निजात मिल जाएगी। स्थानीय लोगों का आवागमन भी सुरक्षित हो जाएगा।