{"_id":"69e527a6900639c77804da7b","slug":"public-awareness-campaign-launched-to-stop-child-marriage-azamgarh-news-c-258-1-svns1002-148882-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: बाल विवाह रोकने के लिए चला जन-जागरूकता अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: बाल विवाह रोकने के लिए चला जन-जागरूकता अभियान
विज्ञापन
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत लोगों को जागरूक करते पुलिसकर्मी।
आजमगढ़। अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की रोकथाम को लेकर जिले में रविवार को व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात)/नोडल अधिकारी एएचटी के पर्यवेक्षण में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी), जन विकास संस्थान, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) एवं वन स्टॉप सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में शहर के विभिन्न मंदिरों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान टीम ने आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। जागरूकता कार्यक्रम में यह भी समझाया गया कि बाल विवाह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है। लोगों से अपील की गई कि वे इस कुप्रथा के खिलाफ सतर्क रहें और कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर जानकारी दें।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान 108 एंबुलेंस, 112 पुलिस, 1090 महिला हेल्पलाइन, 1930 साइबर हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और 181 महिला हेल्पलाइन जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर एएचटी प्रभारी निरीक्षक अभय राज मिश्रा, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रजनीश श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, चाइल्ड हेल्पलाइन से संजय शाही, वन स्टॉप सेंटर की ममता यादव, जन विकास संस्थान के शैलेंद्र कुमार समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी), जन विकास संस्थान, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) एवं वन स्टॉप सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में शहर के विभिन्न मंदिरों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को जागरूक किया गया।
विज्ञापन
अभियान के दौरान टीम ने आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। जागरूकता कार्यक्रम में यह भी समझाया गया कि बाल विवाह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है। लोगों से अपील की गई कि वे इस कुप्रथा के खिलाफ सतर्क रहें और कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर जानकारी दें।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान 108 एंबुलेंस, 112 पुलिस, 1090 महिला हेल्पलाइन, 1930 साइबर हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और 181 महिला हेल्पलाइन जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर एएचटी प्रभारी निरीक्षक अभय राज मिश्रा, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रजनीश श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, चाइल्ड हेल्पलाइन से संजय शाही, वन स्टॉप सेंटर की ममता यादव, जन विकास संस्थान के शैलेंद्र कुमार समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।