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थम्ब इंप्रेशन और आई स्कैन फेल होने पर 11 मई को कर सकेंगे प्राक्सी
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आजमगढ़। मई माह के प्रथम चक्र में नियमित खाद्यान्न वितरण एक से 11 मई तक हो रहा है। जिस ग्राहक का ई-पॉस मशीन में बायो एथेंटीकेशन फेल हो जाता है (अंगूठा पहचान नहीं हो रहा) तो ऐसे ग्राहकों को खाद्यान्न वितरण 11 मई को प्रॉक्सी के माध्यम से कोटेदार करेंगे।
जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा ने बताया कि इस बार से प्रॉक्सी करने से पूर्व किसी भी कार्डधारक को मुखिया का अथवा कार्ड में दर्ज किसी सदस्य का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से ई-पॅास मशीन में दर्ज करने के बाद ही प्रॉक्सी की अनुमति दी जाएगी। यदि ई-पॉस मशीन में एक वैलिड मोबाइल नंबर दर्ज नहीं किया जाता है तो प्रोक्सी ट्रांजैक्शन आगे नहीं बढ़ पाएगा। इसका भी ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर दर्ज करने में सारे कोड लगाए गए हैं। इसका मतलब है की ई- पॉस मशीन में कोई भी इनवैलिड मोबाइल नंबर दर्ज करके कोटेदार ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे। यदि कोई गलत नंबर या फिर किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर डालकर प्रॉक्सी किया जाता है तो इस बात का ध्यान रखें प्रॉक्सी के लिए दर्ज किए गए मोबाइल नंबरों पर मैसेज भेजकर तथा फोन कर इनकी वैलिडिटी एवं सत्यता प्रमाणित की जाएगी। किसी अन्य व्यक्ति का नंबर डाले जाने की दशा में कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। भविष्य में इन्हीं नंबरों पर ओटीपी जनरेट करा कर प्रॉक्सी की अनुमति दी जाएगी। पूर्ति निरिक्षकों एवं खाद्यान्न वितरण में लगे नोडल अधिकारियों से कहा कि सभी कोटेदारों को निर्देशित कर दें की हर हाल में यह कोशिश करें कि बायो ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ही ट्रांजैक्शन हो। थंब इंप्रेशन और आई स्कैन, दोनों तरीकों का इस्तेमाल फेल हो जाने के बाद ही खाद्यान्न वितरण में प्रॉक्सी ट्रांजैक्शन करें।
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जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा ने बताया कि इस बार से प्रॉक्सी करने से पूर्व किसी भी कार्डधारक को मुखिया का अथवा कार्ड में दर्ज किसी सदस्य का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से ई-पॅास मशीन में दर्ज करने के बाद ही प्रॉक्सी की अनुमति दी जाएगी। यदि ई-पॉस मशीन में एक वैलिड मोबाइल नंबर दर्ज नहीं किया जाता है तो प्रोक्सी ट्रांजैक्शन आगे नहीं बढ़ पाएगा। इसका भी ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर दर्ज करने में सारे कोड लगाए गए हैं। इसका मतलब है की ई- पॉस मशीन में कोई भी इनवैलिड मोबाइल नंबर दर्ज करके कोटेदार ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे। यदि कोई गलत नंबर या फिर किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर डालकर प्रॉक्सी किया जाता है तो इस बात का ध्यान रखें प्रॉक्सी के लिए दर्ज किए गए मोबाइल नंबरों पर मैसेज भेजकर तथा फोन कर इनकी वैलिडिटी एवं सत्यता प्रमाणित की जाएगी। किसी अन्य व्यक्ति का नंबर डाले जाने की दशा में कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। भविष्य में इन्हीं नंबरों पर ओटीपी जनरेट करा कर प्रॉक्सी की अनुमति दी जाएगी। पूर्ति निरिक्षकों एवं खाद्यान्न वितरण में लगे नोडल अधिकारियों से कहा कि सभी कोटेदारों को निर्देशित कर दें की हर हाल में यह कोशिश करें कि बायो ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ही ट्रांजैक्शन हो। थंब इंप्रेशन और आई स्कैन, दोनों तरीकों का इस्तेमाल फेल हो जाने के बाद ही खाद्यान्न वितरण में प्रॉक्सी ट्रांजैक्शन करें।
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