अतरौलिया/बलरामपुर। प्रसिद्ध कलेश्वर धाम से करीब एक साल पूर्व चोरी गई बेशकीमती मूर्तियों सोमवार को मंदिर से करीब सौ मीटर दूर खेत में रखे गए धान के पुआल में दबी मिली। वहां खेल रहे गांव के बच्चों ने मूर्तियां देखीं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और मूर्तियों को मंदिर में रखवाने की बात कही। लेकिन पुजारी ने मूर्तियों को लेने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि सुरक्षा होने के बाद ही मूर्तियों को लूंगा, अन्यथा इनकी वजह से अपनी जान नहीं गवाऊंगा। बहरहाल पुलिस प्रतिमाओं को लेकर थाने चली गई।
अतरौलिया थाना क्षेत्र में का कालेश्वर धाम कैली प्रसिद्ध पौराणिक स्थल है। यहां के मंदिर में बेशकीमती मूर्तियां राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की रखी हुई थी। 24 अक्तूबर 2018 की रात गर्भगृह से हनुमान और सीता की मूर्तियां चोरी हो गई। घटना के संबंध में मंदिर के पुजारी कांता दास ने थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने केस दर्ज करने से ही इंकार कर दिया। रिपोर्ट लिखाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। सोमवार की शाम गांव के कुछ बच्चे मंदिर के पास खेल रहे थे। इस दौरान पुआल के नीचे दबी दोनों मूर्तियां देखीं। चोरी की कीमती मूर्तियां मिलने की सूचना पर पुलिस पहुंची और मूर्तियों को मंदिर में रखवाने लगी, लेकिन पुजारी ने मूर्तियों को लेने से इंकार कर दिया। प्रभारी निरीक्षक अतरौलिया हिमेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों प्रतिमाएं पुलिस के पास मौजूद हैं। उच्चाधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है। आदेश मिलने पर उसका पालन किया जाएगा।