{"_id":"5ee225e98ebc3e433922bf43","slug":"prayas-demanded-to-start-sub-station-on-jail-ground-azamgarh-news-vns5295078140","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयास ने जेल की जमीन पर बने उपकेंन्द्र को शुरू कराने की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयास ने जेल की जमीन पर बने उपकेंन्द्र को शुरू कराने की मांग की
विज्ञापन
आजमगढ़। नगर स्थित पुरानी जेल की जमीन पर बने 33/11 विद्युत सब स्टेशन बनकर तैयार हो गया है, लेकिन अभी इसे चालू नहीं किया गया है। इससे शहरवासियों को कटौती, लो वोल्टेज आदि समस्याओं से निजात नहीं मिल पा रही है। उपकेंद्र को अविलंब संचालित करने को लेकर प्रयास सामाजिक संगठन ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को संबोधित पत्रक मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को सौंपा।
प्रयास सामाजिक संगठन के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि पुरानी जेल के सामने नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र का निर्माण गत दो-ढाई वर्ष पहले शुरू हुआ था जो पूर्ण हो चुका है। सिधारी सबस्टेशन से नवनिर्मित सब स्टेशन तक 33 केवी की लाइन भी बना दी गई है। इसके निर्माणाधीन सब स्टेशन पर दो बड़े ट्रांसफार्मर भी स्थापित कर दिए गए है। पिछले माह लॉकडाउन के अवधि में भी ट्रांसमिशन के उपकरण ट्राली आदि स्टाल कर दिए गए हैं, लेकिन विभाग के उदासीनता के कारण अभी तक नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र संचालित नहीं हो सका। निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र से आठ फीडरों में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकने की व्यवस्था बनाई गई है। केंद्र को संचालित करने के लिए कोई सार्थक कार्य नहीं किया जा रहा है। सिधारी, मड़या, मातनपुर आदि विद्युत उपकेंद्रों पर काफी अधिक विद्युत भार है। इसके कारण आए दिन लोकल फाल्ट सामने आते हैं। इनको ठीक करने के लिए ब्रेकडाउन लेने के कारण काफी बड़े क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति घंटों बाधित हो जाती है। इस विद्युत उपकेंद्र के संचालित होने पर विद्युत बिलों के जमा होने की व्यवस्था जनता को मिल सकेगी। क्योंकि चौक से लेकर दीवानी कचहरी तक के मुख्य मार्गों के बीच लबे सड़क पर यह विद्युत उपकेंद्र स्थित है। इस मौके पर रणजीत सिंह, सुनील यादव, रामकेश यादव, रविशंकर सिंह रहे।
ये मिलनी है सुविधा
आजमगढ़। इस केंद्र के निर्माण के दौरान ही विद्युत विभाग की ओर से तत्कालीन जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह द्वारा घोषणा की गई थी कि उपकेंद्र के बन जाने के बाद इससे जिलाधिकारी कार्यालय, महिला अस्पताल, लालडिग्गी होते हुए चौक मुहल्ला तक और पुरानी कोतवाली फीडर के अलावा अजमतपुर कोडर, कोलघाट तथा हरवंशपुर आंशिक क्षेत्रों तक विद्युत आपूर्ति की जाएगी। इससे वर्तमान में संचालित सिधारी, जाफरपुर व भंवरनाथ, मातनपुर सब स्टेशनों के लोड में भारी कमी आएगी।
विज्ञापन
एक साल पहले होना था शुरू
आजमगढ़। विद्युत उपकेंद्र को पहले मार्च 2019 में ही चालू होना था, लेकिन बाद में दिसंबर 2019 तक होने की बात कहीं गई। इसके बाद विद्युत विभाग द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष मार्च 2020 के अंत तक हरहाल में विद्युत उपकेंद्र को संचालित कर दिया जाएगा। विभागीय उदासीनतावश अभी तक विभाग द्वारा उपकेंद्र का संचालन शुरू नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
प्रयास सामाजिक संगठन के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि पुरानी जेल के सामने नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र का निर्माण गत दो-ढाई वर्ष पहले शुरू हुआ था जो पूर्ण हो चुका है। सिधारी सबस्टेशन से नवनिर्मित सब स्टेशन तक 33 केवी की लाइन भी बना दी गई है। इसके निर्माणाधीन सब स्टेशन पर दो बड़े ट्रांसफार्मर भी स्थापित कर दिए गए है। पिछले माह लॉकडाउन के अवधि में भी ट्रांसमिशन के उपकरण ट्राली आदि स्टाल कर दिए गए हैं, लेकिन विभाग के उदासीनता के कारण अभी तक नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र संचालित नहीं हो सका। निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र से आठ फीडरों में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकने की व्यवस्था बनाई गई है। केंद्र को संचालित करने के लिए कोई सार्थक कार्य नहीं किया जा रहा है। सिधारी, मड़या, मातनपुर आदि विद्युत उपकेंद्रों पर काफी अधिक विद्युत भार है। इसके कारण आए दिन लोकल फाल्ट सामने आते हैं। इनको ठीक करने के लिए ब्रेकडाउन लेने के कारण काफी बड़े क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति घंटों बाधित हो जाती है। इस विद्युत उपकेंद्र के संचालित होने पर विद्युत बिलों के जमा होने की व्यवस्था जनता को मिल सकेगी। क्योंकि चौक से लेकर दीवानी कचहरी तक के मुख्य मार्गों के बीच लबे सड़क पर यह विद्युत उपकेंद्र स्थित है। इस मौके पर रणजीत सिंह, सुनील यादव, रामकेश यादव, रविशंकर सिंह रहे।
विज्ञापन
ये मिलनी है सुविधा
आजमगढ़। इस केंद्र के निर्माण के दौरान ही विद्युत विभाग की ओर से तत्कालीन जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह द्वारा घोषणा की गई थी कि उपकेंद्र के बन जाने के बाद इससे जिलाधिकारी कार्यालय, महिला अस्पताल, लालडिग्गी होते हुए चौक मुहल्ला तक और पुरानी कोतवाली फीडर के अलावा अजमतपुर कोडर, कोलघाट तथा हरवंशपुर आंशिक क्षेत्रों तक विद्युत आपूर्ति की जाएगी। इससे वर्तमान में संचालित सिधारी, जाफरपुर व भंवरनाथ, मातनपुर सब स्टेशनों के लोड में भारी कमी आएगी।
विज्ञापन
एक साल पहले होना था शुरू
आजमगढ़। विद्युत उपकेंद्र को पहले मार्च 2019 में ही चालू होना था, लेकिन बाद में दिसंबर 2019 तक होने की बात कहीं गई। इसके बाद विद्युत विभाग द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष मार्च 2020 के अंत तक हरहाल में विद्युत उपकेंद्र को संचालित कर दिया जाएगा। विभागीय उदासीनतावश अभी तक विभाग द्वारा उपकेंद्र का संचालन शुरू नहीं किया जा सका है।