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डाकघरों में नहीं पहुंच रहा कैश, मायूस लौट रहे
अमर उजाला ब्यरो, आजमगढ़
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:04 AM IST
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डाकघरों में नहीं पहुंच रहा कैश, मायूस लौट रहे
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नगर क्षेत्र स्थित बैंकों में जहां हालात सामान्य होने की ओर है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों पर अभी भी अफरातफरी जारी है। बैंक से मायूस लोग एटीएम पर पहुंच रहे हैं लेकिन बंद होने से लोगों की परेशानी और बढ़ रही है।
कप्तानगंज संवाददाता के अनुसार, कस्बे में लगभग पांच बैंकों के एटीएम लगे हैं लेकिन किसी भी बैंक का एटीएम चालू न होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। मंगलवार की शाम एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर शाम चार बजे कैश वैन पहुंची। जैसे ही यह सूचना लोगों को हुई, एटीएम पर लाइन लग गई। लेकिन एक भी व्यक्ति का पैसा नहीं निकला क्योंकि सरवर फेल हो गया।
शाम सात बजे तक लोगों ने लाइन लगाकर सरवर ठीक होने का इंतजार किया। जब सरवर ठीक नहीं हुुआ तो लोग मायूस होकर वापस लौट गए। अतरौलिया संवाददाता के अनुसार पांच सौ और एक हजार के नोट की बंदी से जहां कुछ लोग खुश है तो कुछ लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय जिसके घर शादी है लोग बैंक में सुबह से ही लाइन में लग जा रहे है फिर भी शाम तीन बजे तक बैंक मैनेजर द्वारा यह कह दिया जा रहा है की पैसा समाप्त हो गया। क्षेत्र के चत्तुरपुर निवासिनी उषा ने बताया की अभी दो दिन पहले हमारे पति की मृत्यु हुई है उनका क्रियाकर्म करना है। जिसके लिए पैसे की जरूरत है लेकिन सुबह से लाइन लगाने के बाद भी पैसा नहीं मिला। क्षेत्र के सेल्हरापट्टी निवासी रामअचल का कहना है कि इस समय हम लोगों को खेती के लिए रुपये की जरूरत है।
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मोदी जी का यह फैसला गलत समय पर आया इसको थोड़ा लेट आना चाहिए था। बांसगांव निवासी श्यामप्रसाद ने कहा कि मोदी जी के इस निर्णय से हम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सब्जी खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं, इस समय शादी विवाह है।
गोरहरपुर निवासी राधिका ने कहा कि मोदी के इस फैसले से आम जनता का फायदा हुआ कि नहीं यह हम नहीं जानते लेकिन मुसीबत जरूर पैदा हो गई है।हम लोग मजदूर आदमी हैं, रोज कमाते रोज खाते हैं। लेकिन इस समय रुपया न मिलने से काम भी नहीं मिल रहा है और अगर मिल रहा है तो रुपया नहीं मिल रहा। फूलपुर संवाददाता के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में अब तक पांच सौ और हजार के नोट की आपूर्ति न होने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बैक में बड़ी नोट न आने के कारण डाकघरों को मिलने वाली नोट की आपूर्ति बंद है। जिसके कारण डाकघरों में सिर्फ पैसा जमा हो रहा है धन निकासी पूरी तरह बंद है।
लोगों को पैसे के लाले पड़े हैं, किसान अलग परेशान है खातों से धन निकासी न होने के कारण रबी की बुआई बाधित है। इस बाबत स्टेट बैक के लेखाधिकारी एस जौहरी ने बताया कि मंगलवार की रात सिर्फ 100, 50, 20,10 रूपये नोट की आपूर्ति की गई है। मेजवां संवाददाता के अनुसार, फूलपुर नगर में लोगों को छापामारी का खौफ सता रहा है। नगर में इनकम टैक्स के छापे का भय सर्राफा व्यवसायियों को सता रहा है। दूकानें बंद रहने से व्यवसाय चौपट हो रहा है।
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कप्तानगंज संवाददाता के अनुसार, कस्बे में लगभग पांच बैंकों के एटीएम लगे हैं लेकिन किसी भी बैंक का एटीएम चालू न होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। मंगलवार की शाम एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर शाम चार बजे कैश वैन पहुंची। जैसे ही यह सूचना लोगों को हुई, एटीएम पर लाइन लग गई। लेकिन एक भी व्यक्ति का पैसा नहीं निकला क्योंकि सरवर फेल हो गया।
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शाम सात बजे तक लोगों ने लाइन लगाकर सरवर ठीक होने का इंतजार किया। जब सरवर ठीक नहीं हुुआ तो लोग मायूस होकर वापस लौट गए। अतरौलिया संवाददाता के अनुसार पांच सौ और एक हजार के नोट की बंदी से जहां कुछ लोग खुश है तो कुछ लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय जिसके घर शादी है लोग बैंक में सुबह से ही लाइन में लग जा रहे है फिर भी शाम तीन बजे तक बैंक मैनेजर द्वारा यह कह दिया जा रहा है की पैसा समाप्त हो गया। क्षेत्र के चत्तुरपुर निवासिनी उषा ने बताया की अभी दो दिन पहले हमारे पति की मृत्यु हुई है उनका क्रियाकर्म करना है। जिसके लिए पैसे की जरूरत है लेकिन सुबह से लाइन लगाने के बाद भी पैसा नहीं मिला। क्षेत्र के सेल्हरापट्टी निवासी रामअचल का कहना है कि इस समय हम लोगों को खेती के लिए रुपये की जरूरत है।
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मोदी जी का यह फैसला गलत समय पर आया इसको थोड़ा लेट आना चाहिए था। बांसगांव निवासी श्यामप्रसाद ने कहा कि मोदी जी के इस निर्णय से हम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सब्जी खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं, इस समय शादी विवाह है।
गोरहरपुर निवासी राधिका ने कहा कि मोदी के इस फैसले से आम जनता का फायदा हुआ कि नहीं यह हम नहीं जानते लेकिन मुसीबत जरूर पैदा हो गई है।हम लोग मजदूर आदमी हैं, रोज कमाते रोज खाते हैं। लेकिन इस समय रुपया न मिलने से काम भी नहीं मिल रहा है और अगर मिल रहा है तो रुपया नहीं मिल रहा। फूलपुर संवाददाता के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में अब तक पांच सौ और हजार के नोट की आपूर्ति न होने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बैक में बड़ी नोट न आने के कारण डाकघरों को मिलने वाली नोट की आपूर्ति बंद है। जिसके कारण डाकघरों में सिर्फ पैसा जमा हो रहा है धन निकासी पूरी तरह बंद है।
लोगों को पैसे के लाले पड़े हैं, किसान अलग परेशान है खातों से धन निकासी न होने के कारण रबी की बुआई बाधित है। इस बाबत स्टेट बैक के लेखाधिकारी एस जौहरी ने बताया कि मंगलवार की रात सिर्फ 100, 50, 20,10 रूपये नोट की आपूर्ति की गई है। मेजवां संवाददाता के अनुसार, फूलपुर नगर में लोगों को छापामारी का खौफ सता रहा है। नगर में इनकम टैक्स के छापे का भय सर्राफा व्यवसायियों को सता रहा है। दूकानें बंद रहने से व्यवसाय चौपट हो रहा है।