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यूपी: फर्जीवाड़ा कर पाई थी शिक्षक की सरकारी नौकरी, बर्खास्तगी के सात माह बाद गिरफ्तार
Sat, 05 Jun 2021 11:17 PM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 05 Jun 2021 11:17 PM IST
सार
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार शिक्षक ने कूटरचना कर नौकरी पाई थी। अक्तूबर 2020 में जब जांच हुई तो नौकरी पाने के लिए फर्जीवाड़ा करने की बात सामने आई थी।
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arrested
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र में दूसरे के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अभिलेखों के सत्यापन में फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर अक्तूबर 2020 में उसे बर्खास्त किया गया था।
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पुलिस के अनुसार, अतरौलिया थाना क्षेत्र के जमीन दशांव गांव निवासी अंतिम कुमार सिंह ने दूसरे युवक के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सहारे कूटरचना कर 2015 में परिषदीय विद्यालय में बतौर सहायक अध्यापक नियुक्ति पा ली थी। उसकी पहली तैनाती फूलपुर के विद्यालय पर हुई थी। करीब साल भर पहले उसका स्थानांतरण अहरौला विकास खंड के पकड़ी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पर हुआ था।
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शिकायत पर जांच में अभिलेख धीरज सिंह के मिले और कूटरचना कर अंतिम कुमार ने नौकरी पाई थी। फर्जीवाड़े की पुष्टि होते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने अक्तूबर 2020 में उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर अहरौला थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा भी पंजीकृत करा दिया था। करीब सात माह बाद शनिवार को पुलिस ने जमीन दशांव गांव से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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