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Azamgarh News: बच्ची के कमर में मिला इंजेक्शन का टुकड़ा, मेडिकल हॉल सील
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जहानागंज/आजमगढ़। नगर पंचायत जहानागंज बाजार क्षेत्र के मुस्तफाबाद स्थित सैयद मोड़ के पास आशुतोष मेडिकल हॉल का संचालक मेडिकल के पीछे ही अस्पताल चला रहा था।
आरोप है कि सोमवार को बीमार चार साल की बच्ची को इंजेक्शन लाने के बाद सूई टूटी मिली। इसकी जानकारी होने पर परिजनों ने मेडिकल हाॅल पर हंगामा किया। सूचना पर शुक्रवार को जांच करने पहुंचे कोल्हूपुर के सीएचसी प्रभारी कुशल नंदन ने मेडिकल हाॅल सील कर दिया और नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सोमवार को मुस्तफाबाद निवासी अशोक गुप्ता अपनी चार वर्ष की पोती साबी को अचानक बुखार आने पर उपचार के लिए आशुतोष मेडिकल हॉल लेकर पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार मेडिकल हॉल संचालक अवैध रूप से अस्पताल भी चला रहा था। वहां मौजूद डाक्टर ने एक नर्स से बच्ची को इंजेक्शन लगवाया। घर लौटने के बाद बच्ची लगातार दर्द से चिल्लाती रही, जिससे परिजन परेशान हो गए।
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वह बृहस्पतिवार को दोबारा मेडिकल हॉल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद कराए गए एक्स-रे में बच्ची के कमर में इंजेक्शन की टूटी हुई सुई का हिस्सा फंसा मिला। इससे परिजन आक्रोशित हो गए। जिसके बाद मेडिकल हॉल संचालक रामाश्रय यादव बच्ची को अपने साथ आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल ले गया, जहां ऑपरेशन कर सुई का टुकड़ा निकाला गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोल्हूखोर के अधीक्षक कुशल नंदन ने शुक्रवार को अपनी टीम के साथ आशुतोष मेडिकल हॉल पर पहुंचकर जांच की। प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आने पर अधीक्षक ने संचालक को दो दिन के अंदर रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और अस्पताल को नोटिस जारी कर सील कर दिया।
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आरोप है कि सोमवार को बीमार चार साल की बच्ची को इंजेक्शन लाने के बाद सूई टूटी मिली। इसकी जानकारी होने पर परिजनों ने मेडिकल हाॅल पर हंगामा किया। सूचना पर शुक्रवार को जांच करने पहुंचे कोल्हूपुर के सीएचसी प्रभारी कुशल नंदन ने मेडिकल हाॅल सील कर दिया और नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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सोमवार को मुस्तफाबाद निवासी अशोक गुप्ता अपनी चार वर्ष की पोती साबी को अचानक बुखार आने पर उपचार के लिए आशुतोष मेडिकल हॉल लेकर पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार मेडिकल हॉल संचालक अवैध रूप से अस्पताल भी चला रहा था। वहां मौजूद डाक्टर ने एक नर्स से बच्ची को इंजेक्शन लगवाया। घर लौटने के बाद बच्ची लगातार दर्द से चिल्लाती रही, जिससे परिजन परेशान हो गए।
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वह बृहस्पतिवार को दोबारा मेडिकल हॉल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद कराए गए एक्स-रे में बच्ची के कमर में इंजेक्शन की टूटी हुई सुई का हिस्सा फंसा मिला। इससे परिजन आक्रोशित हो गए। जिसके बाद मेडिकल हॉल संचालक रामाश्रय यादव बच्ची को अपने साथ आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल ले गया, जहां ऑपरेशन कर सुई का टुकड़ा निकाला गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोल्हूखोर के अधीक्षक कुशल नंदन ने शुक्रवार को अपनी टीम के साथ आशुतोष मेडिकल हॉल पर पहुंचकर जांच की। प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आने पर अधीक्षक ने संचालक को दो दिन के अंदर रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और अस्पताल को नोटिस जारी कर सील कर दिया।