आजमगढ़। जनपद में 51 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित हुई पीईटी संपन्न हुई। दोनों पालियों में कुल 51120 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। दोनों पालियों में कुल 16549 परीक्षार्थियों ने परीक्षा से किनारा किया। वहीं अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहकर प्रत्येक परीक्षा केंद्र की निगरानी करते रहे। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) जनपद के 51 केंद्रों पर 15 अक्तूबर को दो-दो पालियों में आयोजित हुई थी। 16 अक्तूबर रविवार को भी 51 केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित हुई। पहली पाली सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक व दूसरी पाली दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक हुई। रविवार की सुबह से ही परीक्षार्थी अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। परीक्षा कक्ष में जाने से पूर्व परीक्षार्थियों की गहनता से तलाशी ली गई। इसके बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में जाने दिया गया। केंद्र के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस फोर्स तैनात थी। पहली पाली में 25 हजार 560 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमें 17 हजार 131 ने परीक्षा दी। जबकि आठ हजार 429 ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं दूसरी पाली में भी 25 हजार 560 पंजीकृत थे। जिसमें 17440 ने परीक्षा दी जबकि आठ हजार 120 ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज और पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। यहां उन्होंने परीक्षा कक्ष में पहुंचकर सुरक्षा व सहित अन्य चीजों का जायजा लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उधर, यूपी पीईटी के कक्ष निरीक्षकों ने निर्धारित मानदेय से कम मिलने पर नीबी स्थित नवरंग विद्यालय पर दो घंटे हंगामा किया। बाद में डीआईओएस के निर्देश पर स्कूल प्रशासन ने भुगतान कयिा। नवरंग विद्यालय परीक्षा केंद्र पर 12 परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के साथ ही कुछ प्राइवेट विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी थी। परीक्षा के बाद कक्ष निरीक्षकों को स्कूल की तरफ से भुगतान किया जाना था। शासन ने प्रति शिक्षक प्रतिदिन 600 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। जबकि विद्यालय 300 रुपये का भुगतान कर रहा था। ऐसे में कक्ष निरीक्षक आक्रोशित हो गए और तयशुदा भुगतान के लिए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा करने वालों में विकास कुमार, अंजलि यादव, पुनीता श्रीवास्तव, शैल, छाया सिंह, चंद्रकला, रेशु सिंह, प्रियंका दुबे, दीपिका, नीलम पाल, प्रियंका राय, विजय कुमार, उषा यादव आदि शामिल रहे। डीआईओएस के निर्देश पर विद्यालय प्रबंधक ने जब 600 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया तो हंगामा समाप्त हुआ। विद्यालय प्रबंधक वरुण राय ने बताया कि जो पत्र आया था उसमें 300 रुपये प्रति शिक्षक भुगतान का निर्देश था। डीआईओएस ने बताया कि 600 रुपये का भुगतान करना है। जिस पर उन्हें वहीं भुगतान दिया गया।