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Azamgarh News: बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को पुरस्कार का मिलेगा मौका
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आजमगढ़। जिले की ग्राम पंचायतों का अब 174 इंडीकेटर से मूल्यांकन किया जाएगा। कुल नौ बिंदुओं सामाजिक संकेतक, स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा पर फोकस करते हुए मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें बेहतर रहने वाली ग्राम पंचायतों को पुरस्कार मिलेगा। यही नहीं, राज्य और केंद्र स्तर पर पुरस्कृत होने वाली ग्राम पंचायतों को भी इन इंडीकेटर में अव्वल आना पड़ेगा।
जिले के छह ब्लॉक में कुल 1811 ग्राम पंचायतें हैं। केंद्रीय वित्त एवं राज्य वित्त के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा से हर साल गांव के विकास के लिए लाखों रुपये जारी किए जाते हैं। इससे नाली, खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग, हैंडपंप के रिबोर समेत अन्य जरूरी विकास कार्य कराए जाते हैं। कुछ ग्राम पंचायतें अच्छा कार्य कराती हैं, जबकि कुछ में लापरवाही बरती जाती है। बेहतर काम करने वाले गांव को स्वच्छता से लेकर अन्य क्षेत्र में शासन स्तर से पुरस्कृत भी किया जाता है। 2024 में पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स में कुल 577 इंडीकेटर से मूल्यांकन किया गया। इसमें ज्यादातर सूचकांक ग्राम पंचायतों ने पूर्ण नहीं किया। इसको देखते हुए शासन ने अब सिर्फ 174 इंडीकेटर ही तय किए हैं।
मूल्यांकन में ये इंडीकेटर हैं शामिल
- बुनियादी ढांचा : सड़क, बिजली, पानी की आपूर्ति, स्वच्छता सुविधाएं आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता।
स्वास्थ्य और शिक्षा : स्वास्थ्य सेवाओं, शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच, साक्षरता दर और स्कूलों में नामांकन।
- आर्थिक संकेतक : आय स्तर, रोजगार के अवसर, कृषि उत्पादकता और आर्थिक गतिविधियां।
- सामाजिक संकेतक : गरीबी दर, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन और जीवन की समग्र गुणवत्ता।
- शासन और प्रशासन : स्थानीय शासन की दक्षता और पारदर्शिता, सार्वजनिक सेवाओं का वितरण और नागरिक भागीदारी।
- पर्यावरणीय स्थिरता : पारिस्थितिक संतुलन, संरक्षण और टिकाऊ प्रथाओं से संबंधित उपाय।
2024 में पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स में कुल 577 इंडीकेटर से मूल्यांकन किया गया था। इसमें ज्यादातर सूचकांक ग्राम पंचायतों ने पूर्ण नहीं किए। इसको देखते हुए शासन ने अब सिर्फ 174 इंडीकेटर ही तय किए हैं। यह सूचनाएं सचिव स्तर से ही भरी जानी है। - मक्कल यादव, डीपीआरओ।
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जिले के छह ब्लॉक में कुल 1811 ग्राम पंचायतें हैं। केंद्रीय वित्त एवं राज्य वित्त के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा से हर साल गांव के विकास के लिए लाखों रुपये जारी किए जाते हैं। इससे नाली, खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग, हैंडपंप के रिबोर समेत अन्य जरूरी विकास कार्य कराए जाते हैं। कुछ ग्राम पंचायतें अच्छा कार्य कराती हैं, जबकि कुछ में लापरवाही बरती जाती है। बेहतर काम करने वाले गांव को स्वच्छता से लेकर अन्य क्षेत्र में शासन स्तर से पुरस्कृत भी किया जाता है। 2024 में पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स में कुल 577 इंडीकेटर से मूल्यांकन किया गया। इसमें ज्यादातर सूचकांक ग्राम पंचायतों ने पूर्ण नहीं किया। इसको देखते हुए शासन ने अब सिर्फ 174 इंडीकेटर ही तय किए हैं।
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मूल्यांकन में ये इंडीकेटर हैं शामिल
- बुनियादी ढांचा : सड़क, बिजली, पानी की आपूर्ति, स्वच्छता सुविधाएं आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता।
स्वास्थ्य और शिक्षा : स्वास्थ्य सेवाओं, शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच, साक्षरता दर और स्कूलों में नामांकन।
- आर्थिक संकेतक : आय स्तर, रोजगार के अवसर, कृषि उत्पादकता और आर्थिक गतिविधियां।
- सामाजिक संकेतक : गरीबी दर, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन और जीवन की समग्र गुणवत्ता।
- शासन और प्रशासन : स्थानीय शासन की दक्षता और पारदर्शिता, सार्वजनिक सेवाओं का वितरण और नागरिक भागीदारी।
- पर्यावरणीय स्थिरता : पारिस्थितिक संतुलन, संरक्षण और टिकाऊ प्रथाओं से संबंधित उपाय।
2024 में पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स में कुल 577 इंडीकेटर से मूल्यांकन किया गया था। इसमें ज्यादातर सूचकांक ग्राम पंचायतों ने पूर्ण नहीं किए। इसको देखते हुए शासन ने अब सिर्फ 174 इंडीकेटर ही तय किए हैं। यह सूचनाएं सचिव स्तर से ही भरी जानी है। - मक्कल यादव, डीपीआरओ।
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