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दर्द को कुरेदा और किसानों को साध गए केशव
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:04 PM IST
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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
- फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़। मौका था, दस्तूर और समय भी। केशव को अच्छी तरह पता था कि 2017 में प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आने के पीछे किसान ही थे। इसलिए उप मुख्यमंत्री ने जहां किसानों, मजदूरों और सड़कों को लेकर पूर्व सरकार पर जमकर निशाना साधा।
वहीं, उनके दर्द को भी खुरेदा, खुद और प्रधानमंत्री को किसान का बेटा बता उनके साथ खड़ा होने की कोशिश की। किसानों और गरीब तबके को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
प्रदेश में डिप्टी सीएम एवं जिले के प्रभारी मंत्री केशव प्रसाद मौर्या सोमवार दोपहर फसल ऋण मोचन योजना के तहत पहले चरण में चयनित किसानों को ऋण माफी का सर्टिफिकेट देने आजमगढ़ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार पहली ऐसी सरकार जिसने इतने बड़े स्तर किसानों की ऋण माफी की है।
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खुद को किसान का बेटा बताते हुए उन्होंने कहा कि मेरे पिता पर भी पांच हजार का कर्ज था। इसे उतारने में उन्हें आठ साल लग गए। किसानों के दर्द को कुरेदते हुए उनके इस बदहाली के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि बारिश में किसानों की गेहूं की फसल बर्बाद हुई तो केंद्र ने भरपूर मात्रा में पैसा दिया, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने उसकी बंदरबांट की।
किसी ने कभी किसानों की नहीं सुनी। किसान कर्जमाफी के लिए चिल्लाते थे, लेकिन उन्हें निराशा मिलती थी। इसीलिए स्वाभिमानी किसान आत्महत्या करते थे। हमने चुनाव के दौरान किए वादे को कैबिनेट की पहली बैठक में पूरा किया। 86 हजार किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया।
जिले में 79 हजार किसानों के ऋण माफ किए जाएंगे। कहा कि इसके बाद कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। फिजूलखर्ची बंद कर इस योजना को शुरू किया है। यूरिया के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने नीम कोटेड यूरिया दी। अब खाद के लिए किसानों को लाठी नहीं खानी पड़ती है।
गेंहूं की तरह ही किसानों का 50 लाख टन धान खरीदने का एलान किया। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, कृषि बीमा योजना के माध्यम से भी किसानों को खूब लुभाया। कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश में पहली बार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की। किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होगा।
प्रधानमंत्री को भरोसा है कि किसानों के लिए केेंद्र सरकार जिस गति से योजनाओं पर काम कर रही है, 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। मजदूरों को 2022 तक हर हाल में घर उपलब्ध कराने की बात कह वाहवाही बटोरी।
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वहीं, उनके दर्द को भी खुरेदा, खुद और प्रधानमंत्री को किसान का बेटा बता उनके साथ खड़ा होने की कोशिश की। किसानों और गरीब तबके को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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प्रदेश में डिप्टी सीएम एवं जिले के प्रभारी मंत्री केशव प्रसाद मौर्या सोमवार दोपहर फसल ऋण मोचन योजना के तहत पहले चरण में चयनित किसानों को ऋण माफी का सर्टिफिकेट देने आजमगढ़ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार पहली ऐसी सरकार जिसने इतने बड़े स्तर किसानों की ऋण माफी की है।
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खुद को किसान का बेटा बताते हुए उन्होंने कहा कि मेरे पिता पर भी पांच हजार का कर्ज था। इसे उतारने में उन्हें आठ साल लग गए। किसानों के दर्द को कुरेदते हुए उनके इस बदहाली के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि बारिश में किसानों की गेहूं की फसल बर्बाद हुई तो केंद्र ने भरपूर मात्रा में पैसा दिया, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने उसकी बंदरबांट की।
किसी ने कभी किसानों की नहीं सुनी। किसान कर्जमाफी के लिए चिल्लाते थे, लेकिन उन्हें निराशा मिलती थी। इसीलिए स्वाभिमानी किसान आत्महत्या करते थे। हमने चुनाव के दौरान किए वादे को कैबिनेट की पहली बैठक में पूरा किया। 86 हजार किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया।
जिले में 79 हजार किसानों के ऋण माफ किए जाएंगे। कहा कि इसके बाद कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। फिजूलखर्ची बंद कर इस योजना को शुरू किया है। यूरिया के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने नीम कोटेड यूरिया दी। अब खाद के लिए किसानों को लाठी नहीं खानी पड़ती है।
गेंहूं की तरह ही किसानों का 50 लाख टन धान खरीदने का एलान किया। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, कृषि बीमा योजना के माध्यम से भी किसानों को खूब लुभाया। कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश में पहली बार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की। किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होगा।
प्रधानमंत्री को भरोसा है कि किसानों के लिए केेंद्र सरकार जिस गति से योजनाओं पर काम कर रही है, 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। मजदूरों को 2022 तक हर हाल में घर उपलब्ध कराने की बात कह वाहवाही बटोरी।