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समाज हित में काम करने से मिलती है संतुष्टि
तहबरपुर(सं.)।
Updated Mon, 18 May 2015 12:39 AM IST
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मैं आजमगढ़ सम्मानित होने नहीं बल्कि जन्मभूमि को प्रणाम करने आया हूं। इसी मिट्टी में मैं पला-बढ़ा, खेला-कूदा और यहीं से मुझे पुनीत कार्य करने की प्रेेरणा मिली है। ये बातें पदमश्री अशोक भगत ने रविवार को पल्हनी ब्लाक के किसुनदासपुर गांव में स्थित सरस्वती बालिका इंटर कालेज परिसर में सम्मान समारोह के दौरान कही। कहा कि खुद को किसी नेता या भगवान के भरोसे न छोड़े, बल्कि अपना काम स्वयं दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ करें। सच्चे मन से समाज के हित में कर्म करने पर आत्म-संतुष्टि मिलती है।
संयुक्त परिवार की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि आज लोगों का परिवार टूट रहा है। इससे न केवल लोगों की इच्छा शक्ति कम हो रही है बल्कि समाज पर भी इसका असर साफ देखने को मिल रहा है। संयुक्त परिवार की ही देन है कि वह निर्विघ्न, नि:कलंक, नि:स्वार्थ सेवाभाव से लोगों की सेवा कर रहे हैं। झारखंड में व्याप्त नक्सलवाद की समस्या पर उन्होंने कहा कि हिंसा सेे इसका हल संभव नहीं है। समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय ब्रह्महर्षि समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजेश दीक्षित, संचालन अरविंद कुमार तिवारी ने की। इस दौरान प्रभुनाथ राय, प्रबंधक अमरनाथ राय, प्रधानाचार्या रंजना राय, कृष्ण कुमार राय, पारसनाथ राय, डा. बालचंद यादव, केसरी नरायण, कृष्ण गोपाल राय आदि मौजूद रहे।
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संयुक्त परिवार की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि आज लोगों का परिवार टूट रहा है। इससे न केवल लोगों की इच्छा शक्ति कम हो रही है बल्कि समाज पर भी इसका असर साफ देखने को मिल रहा है। संयुक्त परिवार की ही देन है कि वह निर्विघ्न, नि:कलंक, नि:स्वार्थ सेवाभाव से लोगों की सेवा कर रहे हैं। झारखंड में व्याप्त नक्सलवाद की समस्या पर उन्होंने कहा कि हिंसा सेे इसका हल संभव नहीं है। समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय ब्रह्महर्षि समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजेश दीक्षित, संचालन अरविंद कुमार तिवारी ने की। इस दौरान प्रभुनाथ राय, प्रबंधक अमरनाथ राय, प्रधानाचार्या रंजना राय, कृष्ण कुमार राय, पारसनाथ राय, डा. बालचंद यादव, केसरी नरायण, कृष्ण गोपाल राय आदि मौजूद रहे।
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