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देर से खुल रहे धान क्रय केंद्र, बोरे की किल्लत से बढ़ी परेशानी
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एफसीआई गोदाम जहानागंज पर धान क्रय केंद्र के बाहर प्लास्टिक से ढककर रखे धान।
- फोटो : AZAMGARH
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विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों की ड्यूटी लगने के कारण धान खरीद और उठान का भी कार्य प्रभावित है। जिले में 69 धान खरीद केंद्र हैं। कई केंद्रों पर धान खरीद की गति धीमी है। कहीं धान का उठान न होने से धान रखने की जगह नहीं है तो कहीं बोरे की किल्लत के चलते धान क्रय प्रभावित है। अधिकतर क्रय केंद्र देर से खुल रहे हैं जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। कुछ धान क्रय केंद्र बंद हैं
जिले में अब तक 11846 किसानों से कुल 50595.98 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। खरीदे गए धान का किसानों को 9815.65 लाख का भुगतान किया जाना है लेकिन अब तक 8673.24 लाख रुपये का ही भुगतान हुआ है। शेष 1142.38 लाख रुपये का भुगतान होना शेष है।
अहरौला: क्षेत्र में हांसामतलूबपुर और पारा मिश्रौली धान क्रय केंद्र पीसीएफ की ओर से बनाया गया है। दोनों केंद्रों पर शुक्रवार को धान डंप पड़ा हुआ मिला। हांसामतलूबपुर के क्रय केंद्र के प्रभारी अरुण कुमार यादव ने बताया कि लगभग पांच दिन से केंद्र पर बोरे नहीं हैं। समिति के गोदाम में किसानों के खरीदे हुए धान डंप पड़े हैं। उनका उठान नहीं हो पा रहा है। मिलरों की लापरवाही के कारण क्रय केंद्र और किसानों को परेशानी हो रही है। केंद्र के प्रभारी ने बताया कि हमारा लक्ष्य 8400 का है। इसमें अब तक 226 किसानों से 8200 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। 151 किसानों के खरीद का भुगतान भी हो चुका है। अभी लगभग दो दर्जन धान लदी ट्रालियां क्रय केंद्र पर खड़ी है। अट्ठारह सौ क्विंटल धान भेजा गया हे जो फंसा हुआ है। एफसीआई के अनुबंध के अनुसार मिलरों की ओर से चावल न उपलब्ध कराने से धान का उठान भी नहीं हो रहा है। अब खरीदे हुए धान को ऑनलाइन करने के बाद ही उठान की जा रही है और बिना मिलरों के चावल को उपलब्ध कराए धान की उठान की क्षमता को बंद कर दिया गया है। जब तक एफसीआई को अनुबंधन के अनुसार चावल नहीं उपलब्ध कराया जाता तब तक हम लोगों के उठान भी प्रभावित है। बोरे के अभाव में भी किसानों के धान से लदी ट्राली खड़ी हैं। इसी प्रकार की समस्या पारा मिश्रौली केंद्र पर भी है। जहानागंज प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार शाम को लगभग तीन बजे जहानागंज क्रय केंद्र बंद मिला।
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कोट
इस समय क्रय केंद्रों के कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है। इसकी वजह से क्रय केंद्र देर से खुल रहे हैं। शुक्रवार को भी लगभग सभी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद हुई। धान का उठान भी हो रहा है। जो भी समस्या है उसे दूर कर 28 फरवरी तक खरीद की जाएगी।-आजाद भगत सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व।
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जिले में अब तक 11846 किसानों से कुल 50595.98 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। खरीदे गए धान का किसानों को 9815.65 लाख का भुगतान किया जाना है लेकिन अब तक 8673.24 लाख रुपये का ही भुगतान हुआ है। शेष 1142.38 लाख रुपये का भुगतान होना शेष है।
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अहरौला: क्षेत्र में हांसामतलूबपुर और पारा मिश्रौली धान क्रय केंद्र पीसीएफ की ओर से बनाया गया है। दोनों केंद्रों पर शुक्रवार को धान डंप पड़ा हुआ मिला। हांसामतलूबपुर के क्रय केंद्र के प्रभारी अरुण कुमार यादव ने बताया कि लगभग पांच दिन से केंद्र पर बोरे नहीं हैं। समिति के गोदाम में किसानों के खरीदे हुए धान डंप पड़े हैं। उनका उठान नहीं हो पा रहा है। मिलरों की लापरवाही के कारण क्रय केंद्र और किसानों को परेशानी हो रही है। केंद्र के प्रभारी ने बताया कि हमारा लक्ष्य 8400 का है। इसमें अब तक 226 किसानों से 8200 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। 151 किसानों के खरीद का भुगतान भी हो चुका है। अभी लगभग दो दर्जन धान लदी ट्रालियां क्रय केंद्र पर खड़ी है। अट्ठारह सौ क्विंटल धान भेजा गया हे जो फंसा हुआ है। एफसीआई के अनुबंध के अनुसार मिलरों की ओर से चावल न उपलब्ध कराने से धान का उठान भी नहीं हो रहा है। अब खरीदे हुए धान को ऑनलाइन करने के बाद ही उठान की जा रही है और बिना मिलरों के चावल को उपलब्ध कराए धान की उठान की क्षमता को बंद कर दिया गया है। जब तक एफसीआई को अनुबंधन के अनुसार चावल नहीं उपलब्ध कराया जाता तब तक हम लोगों के उठान भी प्रभावित है। बोरे के अभाव में भी किसानों के धान से लदी ट्राली खड़ी हैं। इसी प्रकार की समस्या पारा मिश्रौली केंद्र पर भी है। जहानागंज प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार शाम को लगभग तीन बजे जहानागंज क्रय केंद्र बंद मिला।
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इस समय क्रय केंद्रों के कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है। इसकी वजह से क्रय केंद्र देर से खुल रहे हैं। शुक्रवार को भी लगभग सभी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद हुई। धान का उठान भी हो रहा है। जो भी समस्या है उसे दूर कर 28 फरवरी तक खरीद की जाएगी।-आजाद भगत सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व।