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Azamgarh News: खेतों में धान चित, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
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अतरौलिया विकास खंड के लखेंदरपट्टी में पानी में डूबी काटकर छोड़ी गई धान की फसल।
आजमगढ़। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से जिले में पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को सुबह से शुक्रवार की शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इस दौरान 25 से 30 किलोमीटर की गति से झोंकेदार हवा भी चलती रही। इसका असर रहा कि जिले में 250 एकड़ से अधिक खेतों में धान की फसल खेतों में गिर गई।
लगातार बारिश और तेज हवा के चलते जिले के शहर से सटे इलाकों सहित लालगंज, ठेकमा, सगड़ी, अतरौलिया, पवई, अहरौला और कप्तानगंज समेत ग्रामीण क्षेत्रों में धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई। कई जगहों पर गिरे हुए धान के पौधों के ऊपर बारिश का पानी जमा हो गया है। इससे फसल के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान पर मौसम की मार से किसान परेशान हैं। बारिश के चलते खेतों में पानी भरने से फसल को समेटने में भी दिक्कत हो रही है। ऐसे में किसानों को एक तरफ उपज खराब होने का डर सता रहा है तो दूसरी तरफ कटाई और मड़ाई में देरी से आर्थिक नुकसान की चिंता भी बढ़ गई है। खेत से लेकर खलिहान तक किसान मौसम की मार झेलने को मजबूर हैं।
खेत में जमा रहा पानी तो जम जाएंगी धान की फसल
बिलरियागंज। पकने की कगार पर पहुंच चुकी धान की फसल खेतों में गिरकर बिछ गई है। रात में चली तेज हवाओं के चलते धान जमीन पर गिर गए। खेतों में पानी जमा होने और बालियों के मिट्टी के संपर्क में आने से उनके सड़ने का खतरा बढ़ गया है। देवगांव। बारिश से खेतों में धान की बालियां जमीन पर बिछ गई हैं, जिससे दाने की गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। बारिश से सिकरौरा गांव निवासी राधेश्याम मौर्या का एक बीघा, तिरौली गांव निवासिनी मेवाती का 18 बिस्वा, तिरौली गांव के दुलार चौहान का 15 बिस्वा, कलीचपुर दूधरा गांव निवासी फूलचंद कश्यप का 12 बिस्वा धान जमीन पर गिर गया है।
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ठेकमा क्षेत्र में 100 एकड़ खेतों में पहुंचा नुकसान
ठेकमा। क्षेत्र के दरियापुर बसहीं, गोठांव, बेलउर, बौआपार, सरायमोहन, पसिका, कम्मरपुर आदि गांवों में 100 एकड़ से अधिक धान की फसल खेतों में गिर गई है। मेजवां। फूलपुर, मेजवां, बक्सपुर, जौवा, चकलुरी, उदपुर, दीदारपुर, चमावां, दसमरा आदि गांवों में 10 एकड़ से अधिक धान की पकी फसलें जमीन पर गिरकर बिछ गई हैं।
अर्नब तूफान से किसानों को भारी नुकसान
अहरौला। कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. एलसी वर्मा ने बताया है कि खरीफ की फसल धान के साथ-साथ रबी की फसल के बोआई पर भी लगातार हो रही वारिस का बुरा प्रभाव पड़ सकता है। बताया कि यदि बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान हुआ है, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज कराएं। मेंहनगर। तहसील क्षेत्र गोपालपुर, अमारी, घीनहापुर, पित्थौरपुर, करनेंहुवा, गौरा, चौदह इमादपुर, दामा, गंजोंर, हटवां, बछवल, कटहन, गुरेहहथा, खरगपुर, रघुनाथपुर आदि गांवों की 20 बीघे से अधिक धान की फसल खेतों में गिर गई है। फरिहा। विकास खंड रानी सराय के फरिहा, असीलपुर, वनगांव, बघौरा इनामपुर, मैनपारपुर, हुसामपुर बड़ागांव आदि गांवों में हुई बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण मेरी करीब डेढ़ बीघा धान की फसल खेत में गिर गई है। इससे फसल को काफी नुकसान हुआ है। धान अभी पूरी तरह पका भी नहीं था। फसल गिरने से कटाई और मड़ाई में भी परेशानी होगी। - अजय तिवारी, निवासी भैसहा।
बारिश से एक बीघे धान की फसल गिर गई है, अचानक बिगड़े मौसम ने किसानों पर संकट का दिया है। प्रदेश सरकार को सर्वे कराकर किसानों को राहत देनी चाहिए। रविंद्र सिंह, निवासी बरोही फतेहपुर।
अर्नब तूफान का असर 31 अक्तूबर तक बना रहेगा। इस दौरान बारिश और तेज हवाओं के चलने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे इसका असर कमजोर पड़ना शुरू होगा। - अतुल कुमार सिंह, मौसम विज्ञानी लखनऊ।
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लगातार बारिश और तेज हवा के चलते जिले के शहर से सटे इलाकों सहित लालगंज, ठेकमा, सगड़ी, अतरौलिया, पवई, अहरौला और कप्तानगंज समेत ग्रामीण क्षेत्रों में धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई। कई जगहों पर गिरे हुए धान के पौधों के ऊपर बारिश का पानी जमा हो गया है। इससे फसल के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान पर मौसम की मार से किसान परेशान हैं। बारिश के चलते खेतों में पानी भरने से फसल को समेटने में भी दिक्कत हो रही है। ऐसे में किसानों को एक तरफ उपज खराब होने का डर सता रहा है तो दूसरी तरफ कटाई और मड़ाई में देरी से आर्थिक नुकसान की चिंता भी बढ़ गई है। खेत से लेकर खलिहान तक किसान मौसम की मार झेलने को मजबूर हैं।
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खेत में जमा रहा पानी तो जम जाएंगी धान की फसल
बिलरियागंज। पकने की कगार पर पहुंच चुकी धान की फसल खेतों में गिरकर बिछ गई है। रात में चली तेज हवाओं के चलते धान जमीन पर गिर गए। खेतों में पानी जमा होने और बालियों के मिट्टी के संपर्क में आने से उनके सड़ने का खतरा बढ़ गया है। देवगांव। बारिश से खेतों में धान की बालियां जमीन पर बिछ गई हैं, जिससे दाने की गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। बारिश से सिकरौरा गांव निवासी राधेश्याम मौर्या का एक बीघा, तिरौली गांव निवासिनी मेवाती का 18 बिस्वा, तिरौली गांव के दुलार चौहान का 15 बिस्वा, कलीचपुर दूधरा गांव निवासी फूलचंद कश्यप का 12 बिस्वा धान जमीन पर गिर गया है।
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ठेकमा क्षेत्र में 100 एकड़ खेतों में पहुंचा नुकसान
ठेकमा। क्षेत्र के दरियापुर बसहीं, गोठांव, बेलउर, बौआपार, सरायमोहन, पसिका, कम्मरपुर आदि गांवों में 100 एकड़ से अधिक धान की फसल खेतों में गिर गई है। मेजवां। फूलपुर, मेजवां, बक्सपुर, जौवा, चकलुरी, उदपुर, दीदारपुर, चमावां, दसमरा आदि गांवों में 10 एकड़ से अधिक धान की पकी फसलें जमीन पर गिरकर बिछ गई हैं।
अर्नब तूफान से किसानों को भारी नुकसान
अहरौला। कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. एलसी वर्मा ने बताया है कि खरीफ की फसल धान के साथ-साथ रबी की फसल के बोआई पर भी लगातार हो रही वारिस का बुरा प्रभाव पड़ सकता है। बताया कि यदि बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान हुआ है, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज कराएं। मेंहनगर। तहसील क्षेत्र गोपालपुर, अमारी, घीनहापुर, पित्थौरपुर, करनेंहुवा, गौरा, चौदह इमादपुर, दामा, गंजोंर, हटवां, बछवल, कटहन, गुरेहहथा, खरगपुर, रघुनाथपुर आदि गांवों की 20 बीघे से अधिक धान की फसल खेतों में गिर गई है। फरिहा। विकास खंड रानी सराय के फरिहा, असीलपुर, वनगांव, बघौरा इनामपुर, मैनपारपुर, हुसामपुर बड़ागांव आदि गांवों में हुई बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण मेरी करीब डेढ़ बीघा धान की फसल खेत में गिर गई है। इससे फसल को काफी नुकसान हुआ है। धान अभी पूरी तरह पका भी नहीं था। फसल गिरने से कटाई और मड़ाई में भी परेशानी होगी। - अजय तिवारी, निवासी भैसहा।
बारिश से एक बीघे धान की फसल गिर गई है, अचानक बिगड़े मौसम ने किसानों पर संकट का दिया है। प्रदेश सरकार को सर्वे कराकर किसानों को राहत देनी चाहिए। रविंद्र सिंह, निवासी बरोही फतेहपुर।
अर्नब तूफान का असर 31 अक्तूबर तक बना रहेगा। इस दौरान बारिश और तेज हवाओं के चलने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे इसका असर कमजोर पड़ना शुरू होगा। - अतुल कुमार सिंह, मौसम विज्ञानी लखनऊ।

अतरौलिया विकास खंड के लखेंदरपट्टी में पानी में डूबी काटकर छोड़ी गई धान की फसल।