फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Paddy could not be purchased due to shortage of sacks

बोरे की किल्लत से नही हो सकी धान की खरीदारी

Sat, 05 Mar 2022 11:53 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 11:53 PM IST
विज्ञापन
Paddy could not be purchased due to shortage of sacks
क्षेत्र के तमाम किसानों के धान की खरीद बोरे की किल्लत के चलते अभी तक नहीं की जा सकी है। अब व्यवसायी निराश हो चुके किसानों से औने-पौने दाम पर धान का सौदा कर रहे हैं।
विज्ञापन

धान खरीद की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित थी। धान की खरीद का कार्य पूरा नहीं होने के कारण खरीद के लिए एक सप्ताह का समय बढ़ाया गया था लेकिन बोरे की व्यवस्था नहीं हो सकी। हाशामतलूबपुर क्रय केंद्र पर लगभग तीन दर्जन किसानों की धान लदी ट्रालियां बोरा उपलब्ध न होने के कारण 1 महीने से खड़ी थी। बोरे के अभाव में इनके धान की तौल नहीं हो सकी। समय सीमा बढ़ने के बाद किसानों को उम्मीद जगी कि अब बोरा केंद्र पर उपलब्ध हो जाएगा लेकिन एक सप्ताह का समय बढ़ने के बाद भी क्रय केंद्र पर बोरे उपलब्ध नहीं हो सके। धान की खरीदारी न होने से किसान काफी मायूस हैं। उनको समझ में यह नहीं आ रहा है कि वह अपने धान को कहां ले जाकर बेचें। अब व्यापारी किसानों से ओने- पौने दामों में सौदा करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
विज्ञापन

किसान धान बेचकर परिवार का भरण- पोषण, बच्चों की पढ़ाई, शादी- ब्याह करते हैं लेकिन धान नहीं बिका। इसका फायदा अब सीधे व्यापारी उठा रहे हैं। औन-पौने दामों पर किसानों से धान खरीद का सौदा कर रहे हैं। किसान बेचारे भी अब क्या करें, उम्मीद भी खत्म हो चुकी है। किसान प्रदीप कुमार सिंह, सत्यजीत सिंह, राजेंद्र प्रसाद यादव, राणा सिंह ने बताया कि हम लोग महीनों से धान लदी ट्राली क्रय केंद्र पर खड़ी किए हुए हैं। तीन सौ रुपये के हिसाब से प्रतिदिन ट्राली का किराया ही जोड़ा जाय तो एक महिने में 9 हजार रुपये हो जाएंगे। धान की लागत भी नहीं निकल पाएगी। धान न खरीदे जाने से किसानों का बड़ा नुकसान हुआ है। इस संबंध में जब पीसीएफ के आरएम प्रशांत त्रिवेदी से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।
विज्ञापन
विज्ञापन

दस दिन से पीसीएफ के प्रबंधक को बोरे के लिए लिख रहे हैं लेकिन पीसीएफ के लोगों ने बोरा नहीं उपलब्ध कराया जिससे किसानों को भारी क्षति हुई है। बढ़ी समय सीमा भी समाप्त हो गई।- रामकिंकर धर द्विवेदी, एआर कोआपरेटिव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed