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आक्सीजन की किल्लत ने खड़ी की समस्या, बढ़ गया है संकट
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आजमगढ़। कोरोना संक्रमण काल में आक्सीजन की किल्लत ने परेशानी को और बढ़ा दिया है। सिर्फ कोविड अस्पतालों को आक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है तो वहीं अन्य प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में आक्सीजन की किल्लत के चलते मरीजों की मौत हो रही है, अथवा वे अन्य आक्सीजन की व्यवस्था को लेकर जाने को मजबूर है। परेशान हाल प्राइवेट अस्पताल संचालक अब जिलाधिकारी को पत्रक भेज कर आक्सीजन उपलब्ध कराने की गुहार तक लगाने लगे है।
कोविड मरीजों के लिए राजकीय मेडिकल कालेज, 100 शैय्या अस्पताल अरौलिया के अलावा दो प्राइवेट अस्पताल लाइफ लाइन व रमा हॉस्पिटल चिन्हित है। इसके अलावा भी जिले में सैकड़ों की संख्या में प्राइवेट अस्पताल है, जहां गंभीर रोगों से ग्रसित मरीज भर्ती है। जिसमें हर्ट, शुगर, बीपी आदि के मरीज शामिल है। कोविड मरीजों के लिए आक्सीजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य को लेकर जिले के सभी प्राइवेट अस्पतालों को आक्सीजन उपलब्ध कराया जाना लगभग बंद प्राय: कर दिया गया है। जिसके चलते इन प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज में दिक्कत आने लगी है। मरीजों के साथ ही अस्पताल प्रशासन भी आक्सीजन सिलेंडर के जुगाड़ में हाथ पाव मार रहा है, लेकिन जरूरत भर आक्सीजन सिलेंडर किसी भी प्राइवेट अस्पताल को वर्तमान में नहीं मिल पा रही है।
कई अस्पतालों पर प्रतिदिन लगते है 40 से 50 सिलेंडर
आजमगढ़। जिले में कई बड़े अस्पताल है, जहां सामान्य दिनों में ही प्रतिदिन 40 से 50 सिलेंडर की खपत होती है। निश्चित तौर पर इन अस्पतालों पर ऐसे गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज भर्ती होंगे जिन्हें आक्सीजन की जरूरत हो। वर्तमान में आक्सीजन सिलेंडर की भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। जिसके चलते प्राइेवट अस्पताल भी अपने भर्ती मरीजों को भी आक्सीजन नहीं उपलब्ध करा पा रहे है। एक प्राइेवट अस्पताल के संचालक ने बताया कि उनके यहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन 40 से 50 सिलेंडर लग जाते थे लेकिन वर्तमान में जब इसकी और ज्यादा जरूरत है तो आपूर्ति काफी कम हो गई है। किसी तरह 15 से 20 सिलेंडर ही उपलब्ध
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सामान्य दिनों में जिले में होती है 11 सौ से अधिक सिलेंडर की खपत
आजमगढ़। आक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था की देखरेख औषधि विभाग की टीम करती है। विभागीय सूत्रों की माने तो सामान्य दिनों में जिले में प्रतिदिन 1150 से अधिक आक्सीजन गैस सिलेंडर की खफत होती थी। वर्तमान में कोरोना का संकट चल रहा है, जिसके चलते आक्सीजन की जरूरत भी बढ़ गई है। वर्तमान में सामान्य दिनों में जिले में आपूर्ति होने वाली 1150 सिलेंडरों के सापेक्ष सात से आठ सौ के बीच ही सिलेंडर उपलब्ध हो पा रहा है।
जिले में किसी भी प्राइवेट अस्पताल की आक्सीजन सिलेंडर आपूर्ति रोकी नहीं गई है, लेकिन किल्लत के चलते कुछ कमी जरूर की है। किल्लत के पीछे प्रमुख कारण बोकारो से आने वाले लिक्विड मेडिकल आक्सीजन का न आ पाना है। समस्या गंभीर है, फिर भी पूरा प्रयास किया जा रहा है कि कहीं भी आक्सीजन की किल्लत से मरीजों को परेशानी न होने पाए। उम्मीद है कि जल्द ही आक्सीजन की किल्लत दूर हो जाएगी।
अरविंद यादव, आषधि निरीक्षक, आजमगढ़।
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कोविड मरीजों के लिए राजकीय मेडिकल कालेज, 100 शैय्या अस्पताल अरौलिया के अलावा दो प्राइवेट अस्पताल लाइफ लाइन व रमा हॉस्पिटल चिन्हित है। इसके अलावा भी जिले में सैकड़ों की संख्या में प्राइवेट अस्पताल है, जहां गंभीर रोगों से ग्रसित मरीज भर्ती है। जिसमें हर्ट, शुगर, बीपी आदि के मरीज शामिल है। कोविड मरीजों के लिए आक्सीजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य को लेकर जिले के सभी प्राइवेट अस्पतालों को आक्सीजन उपलब्ध कराया जाना लगभग बंद प्राय: कर दिया गया है। जिसके चलते इन प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज में दिक्कत आने लगी है। मरीजों के साथ ही अस्पताल प्रशासन भी आक्सीजन सिलेंडर के जुगाड़ में हाथ पाव मार रहा है, लेकिन जरूरत भर आक्सीजन सिलेंडर किसी भी प्राइवेट अस्पताल को वर्तमान में नहीं मिल पा रही है।
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कई अस्पतालों पर प्रतिदिन लगते है 40 से 50 सिलेंडर
आजमगढ़। जिले में कई बड़े अस्पताल है, जहां सामान्य दिनों में ही प्रतिदिन 40 से 50 सिलेंडर की खपत होती है। निश्चित तौर पर इन अस्पतालों पर ऐसे गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज भर्ती होंगे जिन्हें आक्सीजन की जरूरत हो। वर्तमान में आक्सीजन सिलेंडर की भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। जिसके चलते प्राइेवट अस्पताल भी अपने भर्ती मरीजों को भी आक्सीजन नहीं उपलब्ध करा पा रहे है। एक प्राइेवट अस्पताल के संचालक ने बताया कि उनके यहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन 40 से 50 सिलेंडर लग जाते थे लेकिन वर्तमान में जब इसकी और ज्यादा जरूरत है तो आपूर्ति काफी कम हो गई है। किसी तरह 15 से 20 सिलेंडर ही उपलब्ध
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सामान्य दिनों में जिले में होती है 11 सौ से अधिक सिलेंडर की खपत
आजमगढ़। आक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था की देखरेख औषधि विभाग की टीम करती है। विभागीय सूत्रों की माने तो सामान्य दिनों में जिले में प्रतिदिन 1150 से अधिक आक्सीजन गैस सिलेंडर की खफत होती थी। वर्तमान में कोरोना का संकट चल रहा है, जिसके चलते आक्सीजन की जरूरत भी बढ़ गई है। वर्तमान में सामान्य दिनों में जिले में आपूर्ति होने वाली 1150 सिलेंडरों के सापेक्ष सात से आठ सौ के बीच ही सिलेंडर उपलब्ध हो पा रहा है।
जिले में किसी भी प्राइवेट अस्पताल की आक्सीजन सिलेंडर आपूर्ति रोकी नहीं गई है, लेकिन किल्लत के चलते कुछ कमी जरूर की है। किल्लत के पीछे प्रमुख कारण बोकारो से आने वाले लिक्विड मेडिकल आक्सीजन का न आ पाना है। समस्या गंभीर है, फिर भी पूरा प्रयास किया जा रहा है कि कहीं भी आक्सीजन की किल्लत से मरीजों को परेशानी न होने पाए। उम्मीद है कि जल्द ही आक्सीजन की किल्लत दूर हो जाएगी।
अरविंद यादव, आषधि निरीक्षक, आजमगढ़।