अतरौलिया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में औपचारिक वार्ता में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन के बाहर पिछड़ों के हितों की बात करता है, लेकिन सदन के भीतर उनके मुद्दों पर मौन रहता है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, सदन में गूंगे और बाहर चीखते हैं विपक्षी। उन्होंने साल 2027 के विधानसभा चुनाव, पिछड़ा वर्ग आरक्षण और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर अपनी पार्टी और सरकार का पक्ष रखा।
साल 2027 के विधानसभा चुनाव समय से पहले होने की सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को खारिज करते हुए राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग अपने निर्धारित समय पर ही चुनाव कराएगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा चुनावी मोड में रहती है। 24 घंटे जनता के बीच सक्रिय रहती है। अखिलेश यादव द्वारा लगाए जाने वाले अवसरवादिता के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव स्वयं अपने राजनीतिक हितों के लिए कई बार गठबंधन बदल चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी पिछड़ों की राजनीति केवल वोट बैंक के लिए करती है, जबकि उनके अधिकारों के मुद्दे सदन में नहीं उठाए जाते। राजभर ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो विधानसभा में 27 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग आरक्षण के उप-वर्गीकरण और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा कराएं। उन्होंने सपा नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजभर, निषाद और मौर्य समाज के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण नहीं रखते। शिवपाल यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अलग पार्टी बनाने के बाद जब उसे जनसमर्थन नहीं मिला तो अंततः उनको समाजवादी पार्टी में विलय करना पड़ा। लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के सवाल पर राजभर ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि डॉक्टरों की सलाह पर उनके स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मामले पर भी राजनीति कर रहा है।