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सिर्फ दुर्गा को ही मिले एक लाख से अधिक वोट
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इस बार के विधानसभा चुनाव में जिले के सभी दस सीटों पर सपा ने जीत दर्ज कर रिकार्ड कायम किया है। सपा के सभी नवनिर्वाचित दसों विधायकों में एकमात्र सदर के प्रत्याशी रहे दुर्गा प्रसाद यादव ही हैं जिन्हें 100813 वोट मिले। इनके अलावा अतरौलिया से विजयी डॉ. संग्राम यादव ही 90 हजार मतों का आकड़ा पार कर सके। जबकि सभी विधानसभा सीटों पर वोटिंग दो लाख या उसके आसपास ही हुई थी।
आजमगढ़ सदर सीट पर कुल 236330 मत पोल हुए। इसमें दुर्गा प्रसाद यादव ने अकेले 100813 वोट प्राप्त जीत दर्ज कराई। इस सीट के अन्य प्रत्याशियों की बात की जाए तो मात्र भाजपा के अखिलेश मिश्रा ही 84777 मत प्राप्त कर सके। सर्वाधिक वोट पाने वाले प्रत्याशियों की बात की जाए तो जिले में दूसरे नंबर पर अतरौलिया से जीत दर्ज करने वाले डॉ. संग्राम यादव रहे। इन्हें कुल पोल हुए मतों में 91502 मत प्राप्त हुए। इसके बाद का नंबर मेंहनगर से निर्वाचित हुई पूजा सरोज का था। इन्होंने कुल पोल हुए मतों में 86960 मत प्राप्त किया। गोपालपुर से दूसरी बार विधान सभा में पहुंचे नफीस अहमद को 84401 मत, लालगंज से जीत दर्ज करने वाले बेचई सरोज को 83767 वोट मिले। सगड़ी से जीतने वाले एचएन पटेल को 83093 मत प्राप्त हुए। वहीं रमाकांत यादव को 81164 वोट मिले। मुबारकपुर से कड़ी टक्कर में जीत दर्ज करने वाले अखिलेश यादव को 80726, निजामाबाद से विजयी आलमबदी आजमी 79835 मत, दीदारगंज से पिता की वरासत संभालने वाले कमलाकांत राजभर ने 74342 मत प्राप्त किए।
दुर्गा प्रसाद यादव ने नौवीं जीत का बनाया रिकार्ड
आजमगढ़। विधान सभा क्षेत्र सदर से एक लाख से अधिक मत प्राप्त कर विधान सभा में पहुंचे समाजवादी पार्टी के दुर्गा प्रसाद यादव ने एक ही सीट से नौवीं बार जीत का भी रिकार्ड बनाया है। 1993 को छोड़ दुर्गा प्रसाद यादव ने 1985 से लगातार आजमगढ़ सदर सीट का विधान सभा में प्रतिनिधित्व किया है। शुरूआती चुनाव में वे दल बदल करते रहे लेकिन 1996 में सपा से जीत दर्ज करने के बाद फिर उन्होंने किसी दूसरे दल की ओर झांका भी नहीं और सपा के टिकट पर लगातार छठी जीत दर्ज किया। पहला चुनाव इन्होंने 1985 में निर्दल लड़ा था। 1989 व 1991 में जनता दल के टिकट पर जीत दर्ज किया। 1993 में बसपा के राजबली यादव से हार गए। इसके बाद इन्होंने सपा का दामन थाम लिया और 1996, 2002, 2007, 2012, 2017 के बाद 2022 में भी सपा विधायक के रूप में विधान सभा पहुंचने में सफल रहे।
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आजमगढ़ सदर सीट पर कुल 236330 मत पोल हुए। इसमें दुर्गा प्रसाद यादव ने अकेले 100813 वोट प्राप्त जीत दर्ज कराई। इस सीट के अन्य प्रत्याशियों की बात की जाए तो मात्र भाजपा के अखिलेश मिश्रा ही 84777 मत प्राप्त कर सके। सर्वाधिक वोट पाने वाले प्रत्याशियों की बात की जाए तो जिले में दूसरे नंबर पर अतरौलिया से जीत दर्ज करने वाले डॉ. संग्राम यादव रहे। इन्हें कुल पोल हुए मतों में 91502 मत प्राप्त हुए। इसके बाद का नंबर मेंहनगर से निर्वाचित हुई पूजा सरोज का था। इन्होंने कुल पोल हुए मतों में 86960 मत प्राप्त किया। गोपालपुर से दूसरी बार विधान सभा में पहुंचे नफीस अहमद को 84401 मत, लालगंज से जीत दर्ज करने वाले बेचई सरोज को 83767 वोट मिले। सगड़ी से जीतने वाले एचएन पटेल को 83093 मत प्राप्त हुए। वहीं रमाकांत यादव को 81164 वोट मिले। मुबारकपुर से कड़ी टक्कर में जीत दर्ज करने वाले अखिलेश यादव को 80726, निजामाबाद से विजयी आलमबदी आजमी 79835 मत, दीदारगंज से पिता की वरासत संभालने वाले कमलाकांत राजभर ने 74342 मत प्राप्त किए।
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दुर्गा प्रसाद यादव ने नौवीं जीत का बनाया रिकार्ड
आजमगढ़। विधान सभा क्षेत्र सदर से एक लाख से अधिक मत प्राप्त कर विधान सभा में पहुंचे समाजवादी पार्टी के दुर्गा प्रसाद यादव ने एक ही सीट से नौवीं बार जीत का भी रिकार्ड बनाया है। 1993 को छोड़ दुर्गा प्रसाद यादव ने 1985 से लगातार आजमगढ़ सदर सीट का विधान सभा में प्रतिनिधित्व किया है। शुरूआती चुनाव में वे दल बदल करते रहे लेकिन 1996 में सपा से जीत दर्ज करने के बाद फिर उन्होंने किसी दूसरे दल की ओर झांका भी नहीं और सपा के टिकट पर लगातार छठी जीत दर्ज किया। पहला चुनाव इन्होंने 1985 में निर्दल लड़ा था। 1989 व 1991 में जनता दल के टिकट पर जीत दर्ज किया। 1993 में बसपा के राजबली यादव से हार गए। इसके बाद इन्होंने सपा का दामन थाम लिया और 1996, 2002, 2007, 2012, 2017 के बाद 2022 में भी सपा विधायक के रूप में विधान सभा पहुंचने में सफल रहे।
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