यूपी के आजमगढ़ जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इकलौते विधायक अरुण कांत यादव विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। फूलपुर-पवई सीट पर सपा के टिकट पर पिता रमाकांत यादव के चुनाव लड़ने के एलान के बाद उन्होंने सीट छोड़ी है। अरुण कांत एमएलसी चुनाव लड़ेंगे। शुक्रवार को उन्होंने तीन सेटों में नामांकन पत्र खरीदा।
अरूण कांत यादव के पिता रमांकात यादव सपा से फूलपुर-पवई विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाए गए हैं। पिता के मैदान में उतरने के कारण अरूण कांत यादव ने इस सीट से विधानसभा का चुनाव न लड़ने की बात कही थी और उन्होंने विधान परिषद चुनाव लड़ने के संकेत दिए थे।
शुक्रवार को नामांकन पत्र खरीद कर उन्होंने चर्चाओं का बाजार एक बार फिर से गर्म कर दिया। हालांकि भाजपा, सपा और बसपा की ओर से अभी तक पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई है।
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अरुण कांत यादव
- फोटो : सोशल मीडिया।
आजमगढ़-मऊ विधान परिषद के चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री का कार्य शुक्रवार को शुरू हुआ। पहले दिन कुल चार लोगों ने नामांकन पत्र खरीदा। जिसमें भाजपा विधायक अरुण कांत के अलावा बहुजन मुक्ति पार्टी से अंबरीश कुमार, गंभीरपुर थाना के निवासी सत्यम राय और सिधारी थाना क्षेत्र निवासी भूपेंद्र सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र खरीदा।
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अरुण कांत यादव
- फोटो : सोशल मीडिया।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में फुलपुर-पवई सीट से अरुण कांत यादव भाजपा के टिकट पर विजयी हुए थे। जिले के 10 विधान सभा सीटों में मात्र यहीं एक सीट भाजपा के खाते में गई थी। अबकी बार अरुण कांत के पिता रमाकांत यादव को समाजवादी पार्टी ने इसी विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया।
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रमाकांत यादव
- फोटो : फाइल
पुत्र की सीट पर पिता की दावेदारी ने भाजपा की रणनीति को ही बिगाड़ दिया। पिता-पुत्र आमने-सामने न हो इसे लेकर भाजपा ने अरुण कांत यादव को यहां से टिकट नहीं देने का निर्णय लिया है।
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अपने समर्थकों के साथ अरुण कांत यादव
- फोटो : सोशल मीडिया।
अरुण कांत ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एमएलसी का टिकट देने का आश्वासन दिया है। ऐसे में अब वह एमएलसी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी जिसे भी फूलपुर-पवई विस सीट से प्रत्याशी घोषित करेगी वह उसका प्रचार भी करेंगे।