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सरायमीर बवाल में उपद्रवियों पर कार्रवाई के पक्ष में उतरी ओलमा कौसिंल

Mon, 30 Apr 2018 11:18 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Mon, 30 Apr 2018 11:18 PM IST
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Olema council is in the field in the favour of saraimeer scourge
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सोशल साइट पर धार्मिक भावना भड़काने वाली पोस्ट को लेकर सरायमीर में हुए बवाल के मामले में राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल उपद्रवियों पर कार्रवाई की मांग की है। सपा जिलाध्यक्ष की ओर से ओलमा कौंसिल पर की गई टिप्पणी पर कहा कि ओलमा कौंसिल ओछी राजनीति नहीं करती। आरोप लगाने वाले अपनी गिरेबान में झांके  । उन्होंने सरायमीर में हुई तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा की । कहा कि राजनीतिक आकाओं के इशारे पर अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए बवाल कराया गया।
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सपा जिलाध्यक्ष की ओर से कुछ दिन पहले राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल को घटना के लिए जिम्मेदार बताने पर जिलाध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि यह उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसा है। सपा और उसके नेताओं ने हमेशा धर्म-जाति, दंगे-फसाद की गंदी राजनीति की है। पूरे प्रकरण में ओलमा कौंसिल का कोई लीडर वहां नहीं था। घटना से हमारा कोई लेना देना है।
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रासुका लगाना थानेदार के बस का काम नहीं है। उसका घेराव करने का क्या तुक? ये भी कहा कि सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव बताएं कि उनके एक मौजूदा विधायक और एक पूर्व विधायक वहां क्या करने गए थे? कहीं जिन्होंने षड्यंत्र रचा और अंजाम दिया वो सपा के ही तो नहीं थे। कहा कि सपा ने हमेशा दंगे फसाद की राजनीति करके ही सत्ता का स्वाद चखा।
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आजमगढ़ शहर में जामा मस्जिद पर असमाजिक तत्वों के पथराव के बाद स्थिति संभाली। ये अवाम के लिए सबक़ है कि कैसे फेसबुक पे लिखी एक धार्मिक भावनाओं को ठेंस पहुंचाने वाली पोस्ट से पूरे क़स्बे के अमन चैन में खलल पड़ गया। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं लोकल थाना और इंटेलिजेंस की चूक रही कि वो वक़्त रहते इस षड्यंत्र को समझ न सके और हालात को बेकाबू होने से रोक न पाए।



कहा कि हम पर इल्जाम लगाने वाली सपा जवाब दे कि प्रदेश में आतंकवाद के नाम पर पहला इनकाउंटर 2005 में मुलायम सिंह की सरकार में हुआ था। देश में गोहत्या के नाम पर पहला क़त्ल अख़लाक़ का सपा सरकार में हुआ। 550 से ज्यादा दंगे प्रदेश में पिछली सपा सरकार में हुए।
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