यूपी: वृद्ध बंदी की इलाज के दौरान मौत, हत्या के मामले में जिला कारागार में था बंद
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार में हत्या के मामले में बंद सजायाफ्ता वृद्ध बंदी की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पांच दिनों से वह जिला अस्पताल में जीवन मौत से संघर्ष कर रहा था। बंदी के मौत की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के रंगडीह करहां गांव निवासी दुर्जन चौहान(85) पुत्र स्व. मुसई चौहान हत्या के एक मामले में जिला कारागार में बंद था। न्यायालय द्वारा उसे 25 जून 2019 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वृद्ध होने के चलते उसकी तबीयत काफी दिनों से खराब चल रही थी।
जेल अस्पताल में उसका इलाज भी हो रहा था। पांच दिन पहले हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। तब से वह जिला अस्पताल में जीवन मौत से संघर्ष कर रहा था। इलाज के दौरान वृद्ध बंदी की मौत हो गई।
जिला अस्पताल में इलाज कर रहे डॉ. एलजे यादव ने बताया कि वृद्ध होने के साथ ही दुर्जन के शरीर में ब्लड (खून) की भी कमी थी। जिसके चलते ही दिन प्रतिदिन उसकी हालत खराब होती जा रही थी। एसआईसी डॉ. एके सिंह ने बताया कि शनिवार की सुबह लगभग दस बजे वृद्ध बंदी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया। वहीं जेल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दिया तो वे भी जिला अस्पताल पहुंच गए। मृत बंदी एक पुत्र व दो पुत्रियों के पिता थे।