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Azamgarh News: डीआईओएस के खिलाफ पांच बिंदुओं की शिकायत में चार मिलीं सही
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आजमगढ़। नव जागृति सेवा संस्थान द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक के खिलाफ शपथ पत्र देकर पांच बिंदुओं की शिकायत की गई थी। जिसकी जांच सीआरओ द्वारा की गई। जांच में उनके द्वारा शिकायतकर्ता के चार बिंदुओं की जांच सही मिली। सीआरओ द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट कलेक्ट्रेट के प्रभारी अधिकारी शिकायत को सौंप दी गई है।
सीआरओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया है कि शिकायतकर्ता ने अपने शपथ-पत्र में आरोप लगाया था कि एडी बेसिक रहते हुए मनोज मिश्र को जिला विद्यालय निरीक्षक आजमगढ़ का अतिरिक्त प्रभार बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले मिल गया था। इनके द्वारा जनपद देवरिया में बेसिक शिक्षा अधिकारी रहते हुए अवैधानिक कार्य करके पैसे अर्जित करने का गंभीर आरोप है। कई प्रकरण शासन में लम्बित हैं, जमीन घोटाले में एफआईआर दर्ज है।
आजमगढ़ जनपद में पिछले जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश त्रिपाठी द्वारा की गई अवैधानिक नियुक्तियों पर इनके द्वारा वेतन देने की समीक्षा कर पुनः अभ्यर्थियों से पैसा वसूल कर अनियमित नियुक्तियों का वेतन भुगतान किया गया। फर्जी नियुक्तियों पर वेतन भुगतान कर कमाई की जा रही है। वर्तमान में आजमगढ़ जनपद के जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया रहते हुए इनके द्वारा भ्रष्टाचार की लम्बी सीरीज है और शासन से निलम्बित हैं। इनके तथा परिवार पर अनेक भ्रष्टाचार के आरोप हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के पटल सहायकों और स्वयं जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा लगातार विधि विरुद्ध कार्य कर धनार्जन किया जा रहा है।
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सीआरओ विनय कुमार गुप्ता ने अपनी जांच आख्या में कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए पत्र के बिंदुवार उत्तर में केवल अपने बचाव के लिए तथ्यों के विपरीत साक्ष्य रहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा जांच का सामना न करने से जांच विलंबित हुई। विवेचना में स्पष्ट है कि उन पर लगाए गए पांच में से चार आरोप सही हैं जिनका संतोषजनक उत्तर देने में वे विफल रहे हैं।
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सीआरओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया है कि शिकायतकर्ता ने अपने शपथ-पत्र में आरोप लगाया था कि एडी बेसिक रहते हुए मनोज मिश्र को जिला विद्यालय निरीक्षक आजमगढ़ का अतिरिक्त प्रभार बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले मिल गया था। इनके द्वारा जनपद देवरिया में बेसिक शिक्षा अधिकारी रहते हुए अवैधानिक कार्य करके पैसे अर्जित करने का गंभीर आरोप है। कई प्रकरण शासन में लम्बित हैं, जमीन घोटाले में एफआईआर दर्ज है।
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आजमगढ़ जनपद में पिछले जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश त्रिपाठी द्वारा की गई अवैधानिक नियुक्तियों पर इनके द्वारा वेतन देने की समीक्षा कर पुनः अभ्यर्थियों से पैसा वसूल कर अनियमित नियुक्तियों का वेतन भुगतान किया गया। फर्जी नियुक्तियों पर वेतन भुगतान कर कमाई की जा रही है। वर्तमान में आजमगढ़ जनपद के जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया रहते हुए इनके द्वारा भ्रष्टाचार की लम्बी सीरीज है और शासन से निलम्बित हैं। इनके तथा परिवार पर अनेक भ्रष्टाचार के आरोप हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के पटल सहायकों और स्वयं जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा लगातार विधि विरुद्ध कार्य कर धनार्जन किया जा रहा है।
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सीआरओ विनय कुमार गुप्ता ने अपनी जांच आख्या में कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए पत्र के बिंदुवार उत्तर में केवल अपने बचाव के लिए तथ्यों के विपरीत साक्ष्य रहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा जांच का सामना न करने से जांच विलंबित हुई। विवेचना में स्पष्ट है कि उन पर लगाए गए पांच में से चार आरोप सही हैं जिनका संतोषजनक उत्तर देने में वे विफल रहे हैं।