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अब शिक्षक नहीं ऑपरेटर करेंगे डेटा इंट्री, पढ़ाई पर रहेगा जोर,

Mon, 09 May 2022 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 09 May 2022 11:36 PM IST
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Now teachers will not operator data entry, emphasis will be on studies
आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का बोझ कम करने के लिए विभाग ने पहल की है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर विशेष जोर होगा। शिक्षकों पर कई तरह का डेटा फीड करने की जिम्मेदारी से पढ़ाई प्रभावित हो जाती थी। स्कूलों का पठन-पाठन प्रभावित न हो, इसके लिए विकासखंड स्तर पर दो, यानी 44 डेटा इंट्री ऑपरेटर रखे जाएंगे। जोकि बच्चों के आधार सत्यापन के साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प आदि की सूचनाएं यू-डायस व प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इससे काम भी समय से पूरे होंगे और शिक्षकों को पढ़ाने का पर्याप्त समय मिलेगा। जिससे परिषदीय विद्यालयों में सुधार होगा। जिले में कुल 2702 परिषदीय विद्यालय है। जिसमें 1720 प्राथमिक, 528 उच्च प्राथमिक व 454 कंपोजिट विद्यालय है। उक्त विद्यालयों में इस समय स्कूल चलो अभियान के तहत छात्र-छात्राओं का तेजी से नामांकन हुआ है, यह कार्य जारी है। अब तक 53 हजार से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है, अभी करीब 35 फीसद नामांकन और किया जाना है। विभाग का निर्देश है कि हर छात्र-छात्र का पंजीकरण प्रेरणा पोर्टल व यू-डायस पर किया जाए, तभी नामांकन माना जाएगा। अब विभाग ने स्कूलों में कार्य की अधिकता व उसे तय समय में कराने के लिए जॉब वर्क के आधार पर खुले बाजार से दो डेटा इंट्री ऑपरेटर की सेवाएं अस्थायी रूप से लिए जाने की व्यवस्था दी है। ऑपरेटरों को मई से 31 जुलाई तक रखा जाना है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शासन का जैसा आदेश होगा उसी हिसाब से कार्य किया जाएगा।
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19 तरह की सुविधाओं का फीड हो रहा डेटा
आजमगढ़। जिला व ब्लॉक स्तर पर इन दिनों यू डायस पर 2021-22 की डेटा इंट्री, आपरेशन कायाकल्प के तहत 19 अवस्थापना सुविधाओं के लिए ब्लाक में हर माह होनी है। इसके अलावा आधार का सत्यापन, मानव संपदा पोर्टल पर नवीन नामांकन की इंट्री, बच्चों को यूनीफार्म, स्कूल बैग, जूता-मोजा व स्वेटर के लिए अभिभावकों के खाते में धन भेजने से संबंधित फीडिंग व अन्य कार्य किए जाने हैं। इससे स्कूलों में शिक्षकों के सामने दुविधा थी और एक साथ दो- दो काम करना दिक्कत भरा था। अब नई व्यवस्था से शिक्षकों पर बोझ कम होगा और उन्हें पढ़ाई कराने का अधिक अवसर मिलेगा।
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