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अब जांच के दायरे में आए सरकारी एंबुलेंस के फेरे

Sun, 22 May 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2022 11:33 PM IST
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Now rounds of government ambulances came under investigation
आजमगढ़। सरकारी एंबुलेस 102-108 की सेवा देने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े की बात सामने आ रही है। नियम विरूद्ध तरीके से मनमाने फेरे फर्जी आधार व मोबाइल नंबर दर्शा कर बढ़ाते हुए सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा सरकार से लाखों का भुगतान लिया जा रहा है। जिसकी अब शासन स्तर से जांच की रणनीति तय हो गई है। इस बाबत महानिदेशक परिवार कल्याण लिली सिंह की तरफ से जांच का आदेश सभी जिलों के लिए जारी कर दिया गया है।
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108-102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि शासन स्तर से जो जांच के बिंदू सामने लाए गए है वह वास्तव में उचित है। यदि कायदे से जांच हो जाए तो निश्चित तौर पर सेवा प्रदाता कंपनी का फर्जीवाड़ा सामने आ जाएगा। जिले में भी एंबुलेंस के फर्जी फेरे दर्शा का काफी धनराशि का भुगतान कंपनी ने लिया है। इसके लिए कंपनी के लोग बकायता पायलट व ईएमटी पर दबाव बना कर व नौकरी से निकालने की धमकी देकर फर्जी फेरों का आंकड़ा प्रस्तुत कर भुगतान लिया जा रहा है। कंपनी के इस कवायद का विरोध करने पर जिले में भी 72 लोगों को कंपनी ने बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त किए गए एंबुलेंस कर्मियों ने कोरोना काल में अपनी जान की परवाह न करते हुए पीड़ित मानवता की सेवा किया। इसके बाद भी उन्होंने सेवा प्रदाता कंपनी के फर्जीवाड़े के अनुरूप फर्जी फेरे नहीं बढ़ाए तो उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। सेवा प्रदाता कंपनी के इस फर्जीवाड़े के खिलाफ बर्खास्त हुए कर्मियों ने शासन में शिकायत किया था। जिसे संज्ञान में लेते हुए शासन ने पिछले तीन माह के रिकार्ड की जांच का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश व जिले स्तर पर टीम गठित की जाएगी। जिसे लेकर सेवा प्रदाता कंपनी के लोगों में हड़कंप भी देखने को मिलने लगा है।
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एडी हेल्थ के नेतृत्व में गठित होगी टीम
आजमगढ़। महानिदेशक परिवार कल्याण स्तर से जारी पत्र में जांच की जिम्मेदारी एडी को सौंपी गई है। इनके नेतृत्व में प्रत्येक जिले में एक टीम गठित की जाएगी। जिसमें डिविजनल प्रोग्राम मैनेजर एनएचएम व संबंधित जिले के सीएमओ अथवा नामित नोडल अधिकारी के अलावा संबंधित जनपद के जिला प्रोग्राम मैनजर शामिल किए जाएंगे। एडी यदि चाहेंगे तो अन्य किसी अधिकारी को भी इस टीम में शामिल कर सकते है।
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इन बिंदुओं पर होगी जांच
आजमगढ़। यह जांच शासन के निर्देश पर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सभी एडी हेल्थ के माध्यम से करवा रहे है। इस जांच में एडी हेल्थ को फरवरी 2022 से अप्रैल 2022 के मरीजों की जांच करनी है। तीन माह में सेवा प्रदाता कंपनी को हुए भुगतान तथा वास्तविक मरीजों की संख्या पीसीआर में अंकित आधार कार्ड नंबर व मोबाइल नंबर का मिलान करना होगा। एक सप्ताह में ही जांच पूरी कर निर्धारित प्रोफार्मा पर रिपोर्ट शासन को भेजना होगा। इस मामले में एसीएमओ/नोडल 102-108 एंबुलेंस सेवा के डॉ. एके सिंह ने बताया कि अभी हमारे संज्ञान में ऐसे किसी आदेश की बात नहीं है। यदि शासन ने किसी जांच का निर्देश दिया है तो निश्चित तौर पर जांच की जाएगी। वैसे हम सामान्य तौर पर रिकार्डों की जांच करते रहते है। शासन का जैसा निर्देश होगा वैसी कार्रवाई की जाएगी।
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