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अब मनरेगा मजदूरों की नहीं लगेगी फर्जी हाजिरी
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में काम करने वाले मजदूरों की अब फर्जी हाजिरी नहीं लग पाएगी। मनरेगा मजदूरों की अब मोबाइल एप के माध्यम से दिन में दो बार हाजिरी लगेगी। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग ने नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर (एनएमएमएस) एप तैयार किया है।
मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग ने नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर (एनएमएमएस) एप लांच की है। पंचायत प्रतिनिधि इसे मोबाइल में डाउनलोड करेंगे। वे इस एप के माध्यम से ही मनरेगा मजदूरों की हाजिरी लगाएंगे। संबंधित वार्ड सदस्यों को पहले पंचायत से संबंधित ग्राम रोजगार सेवक प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए जिले के सभी वार्ड सदस्यों को पहले एनएमएमएस एप पर रजिस्टर्ड करना होगा। रजिस्टर्ड होने के बाद ही वे एप के माध्यम से मजदूरों की हाजिरी लगा पाएंगे। मनरेगा मजदूरों के वर्क साइट सहित फोटो एप पर दिन में दो बार अपलोड करने होंगे। पहला फोटोग्राफ सुबह के समय अपलोड करना होगा, जबकि दूसरी बार फोटो दोपहर दो से शाम पांच बजे के बीच डालना होगा। यह सब प्रक्रिया जियो टैगिंग के माध्यम से रजिस्टर्ड मोबाइल के माध्यम से ही की जा सकेगी।
काम में आएगी पारदर्शिता
आजमगढ़। मनरेगा मजदूरों की हाजिरी मोबाइल एप से लगने से काम में भी पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों पर फर्जी हाजिरी लगाकर ठगी करने के आरोपों से भी छुटकारा मिलेगा।
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जिले में नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम से उन मस्टररोलों को जोड़ा जा रहा है, जिसमें 20 से ज्यादा मजदूर हैं। इस एप के माध्यम से मनरेगा मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन लगाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़।
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मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग ने नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर (एनएमएमएस) एप लांच की है। पंचायत प्रतिनिधि इसे मोबाइल में डाउनलोड करेंगे। वे इस एप के माध्यम से ही मनरेगा मजदूरों की हाजिरी लगाएंगे। संबंधित वार्ड सदस्यों को पहले पंचायत से संबंधित ग्राम रोजगार सेवक प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए जिले के सभी वार्ड सदस्यों को पहले एनएमएमएस एप पर रजिस्टर्ड करना होगा। रजिस्टर्ड होने के बाद ही वे एप के माध्यम से मजदूरों की हाजिरी लगा पाएंगे। मनरेगा मजदूरों के वर्क साइट सहित फोटो एप पर दिन में दो बार अपलोड करने होंगे। पहला फोटोग्राफ सुबह के समय अपलोड करना होगा, जबकि दूसरी बार फोटो दोपहर दो से शाम पांच बजे के बीच डालना होगा। यह सब प्रक्रिया जियो टैगिंग के माध्यम से रजिस्टर्ड मोबाइल के माध्यम से ही की जा सकेगी।
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काम में आएगी पारदर्शिता
आजमगढ़। मनरेगा मजदूरों की हाजिरी मोबाइल एप से लगने से काम में भी पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों पर फर्जी हाजिरी लगाकर ठगी करने के आरोपों से भी छुटकारा मिलेगा।
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जिले में नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम से उन मस्टररोलों को जोड़ा जा रहा है, जिसमें 20 से ज्यादा मजदूर हैं। इस एप के माध्यम से मनरेगा मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन लगाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़।