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अब हर शराब की दुकान व गोदाम होगी ऑनलाइन
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आजमगढ़। सरकारी दुकानों से मिलावटी शराब की बिक्री और उससे 15 मौतों के बाद प्रशासन ने सरकारी दुकानों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। जिलाधिकारी ने सभी दुकानों व गोदामों को सीसीटीवी के माध्यम से ऑनलाइन करने का फरमान सुनाया है और जिला मुख्यालय पर उसका कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश आबकारी विभाग को दिया है।
बीते दो दशक में जिले में जहरीली शराब की ये पांचवी बड़ी घटना हुई है। इसके पूर्व इरनी, मुबारकपुर, जीयनपुर-रौनापार, पवई-दीदारगंज में जहरीली शराब कांड हो चुका है। इसमें पवई व महुल की घटनाओं में तो सीधे तौर पर सरकारी दुकान से जहरीली शराब बेचे जाने की बात प्रकाश में आयी है। ऐसे में अब जिला प्रशासन ने सरकारी शराब की दुकानों व उनके संचालकों के साथ ही आबकारी विभाग की भी नकेल कसने की रणनीति बनाई है। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने सभी सरकारी देसी व अंग्रेजी शराब दुकानों और गोदामों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने दुकानों व गोदामों पर सीसीटीवी लगवा लें, जिसे आबकारी विभाग द्वारा जिलास्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। जहां से सीधे दुकानों व गोदामों की निगरानी होगी ताकि दुकानों पर नकली शराब की खेप पहुंचने पर लगाम लगे।
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बीते दो दशक में जिले में जहरीली शराब की ये पांचवी बड़ी घटना हुई है। इसके पूर्व इरनी, मुबारकपुर, जीयनपुर-रौनापार, पवई-दीदारगंज में जहरीली शराब कांड हो चुका है। इसमें पवई व महुल की घटनाओं में तो सीधे तौर पर सरकारी दुकान से जहरीली शराब बेचे जाने की बात प्रकाश में आयी है। ऐसे में अब जिला प्रशासन ने सरकारी शराब की दुकानों व उनके संचालकों के साथ ही आबकारी विभाग की भी नकेल कसने की रणनीति बनाई है। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने सभी सरकारी देसी व अंग्रेजी शराब दुकानों और गोदामों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने दुकानों व गोदामों पर सीसीटीवी लगवा लें, जिसे आबकारी विभाग द्वारा जिलास्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। जहां से सीधे दुकानों व गोदामों की निगरानी होगी ताकि दुकानों पर नकली शराब की खेप पहुंचने पर लगाम लगे।
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