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Azamgarh News: नौ ब्लॉकों के बीपीएम, बीसीपीएम और बीएएम को नोटिस जारी
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आजमगढ़। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत लाभार्थियों को समय से भुगतान नहीं किए जाने पर सीएमओ ने कड़ा रुख अपनाया है।
जनपदीय समीक्षा में खराब प्रगति पर नौ ब्लॉकों के कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (बीसीपीएम) और ब्लॉक लेखा प्रबंधक (बीएएम) को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
इनका जून का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है। सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने बताया कि समीक्षा में 7762 संस्थागत प्रसवों के सापेक्ष मात्र 4794 लाभार्थियों को भुगतान किया गया है, जो 61.80 प्रतिशत है। भुगतान में लापरवाही के कारण प्रदेश स्तर पर जनपद की रैंकिंग लगातार प्रभावित हो रही है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्रगति सबसे खराब पाई गई। वहां 511 प्रसवों के सापेक्ष केवल 56 लाभार्थियों को भुगतान किया गया है, जो मात्र 10.96 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त मार्टीनगंज, अतरौलिया, फूलपुर और 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लालगंज, पवई, तरवां, सठियांव, अजमतगढ़, बिलरियागंज का प्रदर्शन भी खराब रहा।
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कोयलसा, मिर्जापुर व तहबरपुर में लाभार्थियों को भुगतान की प्रगति अच्छी ठीक पाई गई। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को समय से भुगतान उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसकी नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर की जाती है। ऐसे में भुगतान को अनावश्यक रूप से लंबित रखना लापरवाही है। तीन दिन में स्पष्टीकरण ने देने पर संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आवश्यक होने पर संविदा सेवा समाप्ति की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। संवाद
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जनपदीय समीक्षा में खराब प्रगति पर नौ ब्लॉकों के कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (बीसीपीएम) और ब्लॉक लेखा प्रबंधक (बीएएम) को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
इनका जून का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है। सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने बताया कि समीक्षा में 7762 संस्थागत प्रसवों के सापेक्ष मात्र 4794 लाभार्थियों को भुगतान किया गया है, जो 61.80 प्रतिशत है। भुगतान में लापरवाही के कारण प्रदेश स्तर पर जनपद की रैंकिंग लगातार प्रभावित हो रही है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्रगति सबसे खराब पाई गई। वहां 511 प्रसवों के सापेक्ष केवल 56 लाभार्थियों को भुगतान किया गया है, जो मात्र 10.96 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त मार्टीनगंज, अतरौलिया, फूलपुर और 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लालगंज, पवई, तरवां, सठियांव, अजमतगढ़, बिलरियागंज का प्रदर्शन भी खराब रहा।
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कोयलसा, मिर्जापुर व तहबरपुर में लाभार्थियों को भुगतान की प्रगति अच्छी ठीक पाई गई। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को समय से भुगतान उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसकी नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर की जाती है। ऐसे में भुगतान को अनावश्यक रूप से लंबित रखना लापरवाही है। तीन दिन में स्पष्टीकरण ने देने पर संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आवश्यक होने पर संविदा सेवा समाप्ति की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। संवाद