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Azamgarh News: खराब प्रगति पर सात कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस
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आजमगढ़। लक्ष्य की खराब प्रगति पर जल निगम ग्रामीण ने सातों कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी किया है। इसमें चार कार्यदायी संस्थाएं ऐसी हैं जिन पर विभाग ने एक से दो प्रतिशत तक पेनाल्टी भी लगाया है। यह इनके डीपीआर के बजट से कटौती की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई से सभी कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रो में हर घर को नल से जल पहुंचाने के लिए जिले में कुल 1465 पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा। पहले दो ही कार्यदायी संस्थाएं थी लेकिन अधिक पेयजल परियोजनाएं होने के कारण बीते वर्ष पांच में और कार्यदायी संस्थाएं आ गईं। शासन की मंशा है कि आगामी दिसंबर तक हर घर को नल से जल मिलने लगे।
मिशन के कार्यों की हर सप्ताह समीक्षा भी हो रही है। सातों कार्यदायी संस्थाओं को अलग-अलग राजस्व गांवों में कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है जिससे समय से पेयजल परियोजनाएं पूरी हो सकें। लेकिन लापरवाही के कारण कार्यदायी संस्थाओं को क्रमिक प्रोग्रेस ठीक नहीं है। यही हाल रहा तो समय से काम पूरा होना मुश्किल होगा। कार्य की प्रगति ठीक न होने पर जल निगम ने सात कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी किया है। साथ ही कुछ संस्थाओं पर पेनाल्टी भी लगाई गई है।
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अब तक 1563.70 करोड़ हो चुके हैं खर्च
जिले में जल जीवन मिशन की 1465 परियोजनाओं की कुल लागत 4313 करोड़ रुपये है। अब तक 1663.70 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अभी तक 74 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं। जल निगम ग्रामीण के सहायक अभियंता सत्येंद्र कुमार ने बताया कि 19369 किमी की जगह 16549 किमी पाइप लाइन बिछाकर 621419 के सापेक्ष 462076 घरों में कनेक्शन दिए गए हैं। 635 पेयजल परियोजनाओं पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं जबकि 1433 पर सोलर पैनल लगाने का काम चल रहा है। 399 ओएचटी का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा 1506 में से 1356 पंप हाउस बनाए जा चुके हैं।
जल जीवन मिशन के तहत गांवों में बन रहीं पेयजल परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है। कार्यदायी संस्थाओं का क्रमिक प्रोग्रेस ठीक न होने पर नोटिस जारी किया गया है। साथ ही चार कार्यदायी संस्थाओं पर पेनाल्टी भी लगाई गई है। -हेमंत सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण।
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जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रो में हर घर को नल से जल पहुंचाने के लिए जिले में कुल 1465 पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा। पहले दो ही कार्यदायी संस्थाएं थी लेकिन अधिक पेयजल परियोजनाएं होने के कारण बीते वर्ष पांच में और कार्यदायी संस्थाएं आ गईं। शासन की मंशा है कि आगामी दिसंबर तक हर घर को नल से जल मिलने लगे।
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मिशन के कार्यों की हर सप्ताह समीक्षा भी हो रही है। सातों कार्यदायी संस्थाओं को अलग-अलग राजस्व गांवों में कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है जिससे समय से पेयजल परियोजनाएं पूरी हो सकें। लेकिन लापरवाही के कारण कार्यदायी संस्थाओं को क्रमिक प्रोग्रेस ठीक नहीं है। यही हाल रहा तो समय से काम पूरा होना मुश्किल होगा। कार्य की प्रगति ठीक न होने पर जल निगम ने सात कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी किया है। साथ ही कुछ संस्थाओं पर पेनाल्टी भी लगाई गई है।
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अब तक 1563.70 करोड़ हो चुके हैं खर्च
जिले में जल जीवन मिशन की 1465 परियोजनाओं की कुल लागत 4313 करोड़ रुपये है। अब तक 1663.70 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अभी तक 74 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं। जल निगम ग्रामीण के सहायक अभियंता सत्येंद्र कुमार ने बताया कि 19369 किमी की जगह 16549 किमी पाइप लाइन बिछाकर 621419 के सापेक्ष 462076 घरों में कनेक्शन दिए गए हैं। 635 पेयजल परियोजनाओं पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं जबकि 1433 पर सोलर पैनल लगाने का काम चल रहा है। 399 ओएचटी का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा 1506 में से 1356 पंप हाउस बनाए जा चुके हैं।
जल जीवन मिशन के तहत गांवों में बन रहीं पेयजल परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है। कार्यदायी संस्थाओं का क्रमिक प्रोग्रेस ठीक न होने पर नोटिस जारी किया गया है। साथ ही चार कार्यदायी संस्थाओं पर पेनाल्टी भी लगाई गई है। -हेमंत सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण।