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‘मजा न बाबू कत्तो बाटे जवन मजा परधानी में..’
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:05 AM IST
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हिंदी रंगमंच दिवस
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हिंदी रंगमंच दिवस पर रविवार को सूत्रधार संस्थान की ओर से बिन्नानी गार्डेन में कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया गया। इस दौरान आरंगम् और देशज जैसे रंग महाकुंभ को सफल बनाने में जुटे सभी सदस्यों को सम्मानित किया गया।
शुरुआत एडीएम आशुतोष द्विवेदी, डा. अमित सिंह, डा. स्वास्ति सिंह और डा. हेमबाला यादव ने की। हास्य कवि उमेश चंद्र श्रीवास्तव मुंहफट ने अपनी हास्य रचना, मजा न बाबू कत्तो बाटे, जवन मजा परधानी में सुनाया तो लोग हंसते-हंसते लोटपोट हो गए। डा. आशा सिंह ने सरस्वती वंदना है भवर में सभी मां, हमें पार दे, शारदे-शारदे मां मेरी शारदे प्रस्तुत कर किया। कवि ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, विजेंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने अपनी रचना सुनाई।
उर्दू कवि मयकश आजमी ने मीत मेरे राग सुर संगीत हो तुम, इस धरा पर प्रीत का एक गीत हो तुम से लोगों का दिल जीत लिया। वीर रस के कवि शिवप्रसाद शर्मा अंबू, राजकुमार आर्शीवाद, प्रभुनारायण पांडेय प्रेमी आदि ने श्रोताओं का मनोरंजन किया। अध्यक्षता व्यंग के कवि उजबक ने की। इस मौके पर डा. सीके त्यागी, डा. पीयूष सिंह, प्रवीण सिंह, प्रवीण दीक्षित, अभिषेक जायसवाल, सुनील दत्त विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे। अंत में संस्था के सचिव अभिषेक पंडित ने सभी का आभार प्रकट किया।
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शुरुआत एडीएम आशुतोष द्विवेदी, डा. अमित सिंह, डा. स्वास्ति सिंह और डा. हेमबाला यादव ने की। हास्य कवि उमेश चंद्र श्रीवास्तव मुंहफट ने अपनी हास्य रचना, मजा न बाबू कत्तो बाटे, जवन मजा परधानी में सुनाया तो लोग हंसते-हंसते लोटपोट हो गए। डा. आशा सिंह ने सरस्वती वंदना है भवर में सभी मां, हमें पार दे, शारदे-शारदे मां मेरी शारदे प्रस्तुत कर किया। कवि ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, विजेंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने अपनी रचना सुनाई।
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उर्दू कवि मयकश आजमी ने मीत मेरे राग सुर संगीत हो तुम, इस धरा पर प्रीत का एक गीत हो तुम से लोगों का दिल जीत लिया। वीर रस के कवि शिवप्रसाद शर्मा अंबू, राजकुमार आर्शीवाद, प्रभुनारायण पांडेय प्रेमी आदि ने श्रोताओं का मनोरंजन किया। अध्यक्षता व्यंग के कवि उजबक ने की। इस मौके पर डा. सीके त्यागी, डा. पीयूष सिंह, प्रवीण सिंह, प्रवीण दीक्षित, अभिषेक जायसवाल, सुनील दत्त विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे। अंत में संस्था के सचिव अभिषेक पंडित ने सभी का आभार प्रकट किया।
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