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बिना अनुमति बाहर से आने वालों को गांव में प्रवेश से रोकें निगरानी समितियां
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आजमगढ़। डीएम एनपी सिंह ने बताया कि जनपद में अन्य प्रदेेशों से प्रवासी व्यक्तियों के संबंध में शासन से निर्देश दिए गए हैं। जिसके क्रम में प्रवासी व्यक्ति या मजदूर, जो जनपद में आ रहे है, उनका सम्यक ढंग से स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होम क्वारंटीन किया जाना है।
डीएम ने बताया कि अनेक ऐसे प्रवासी मजदूर व व्यक्ति हैं जो सीधे रोडवेज बस स्टेशन आजमगढ़ पर आए हैं और उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाए। अन्य जनपदों के लोगों को रोडवेज द्वारा उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जो संदिग्ध होंगे उनको सीएमओ द्वारा निर्धारित एसओपी के तहत कार्रवाई की जाएगी। अन्य प्रांतों से नोडल अधिकारी एवं कलेक्टर्स द्वारा अनुमति प्राप्त करके आने वालों की प्रतियां भी सूचना के तौर पर यहां आती हैं। उनके विषय में एडीएम वित्त एवं राजस्व सीएमओ के माध्यम से संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं एसडीएम को सूचित कर दें ताकि उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा सके। बिना किसी की अनुमति के जो लोग पधार रहे हैं उनके सर्विलांस के लिए जनपद में प्रत्येक राजस्व ग्रामों में निगरानी समितियां गठित करें। जो इस बात की दृष्टि रखेगी कि कोई भी व्यक्ति उस गांव में प्रवेश करे तो उसे गांव के बाहर विद्यालय आदि में रोक कर संबंधित एसडीएम व प्रभारी चिकित्साधिकारी को सूचित करें।
गठित निगरानी समिति में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, सचिव, लेखपाल, आंगनवाड़ी, आशा व चौकीदार के साथ-साथ गांव के पोस्ट ग्रेजुएट, ग्रेजुएट अथवा इंटरमीडिएट उत्तीर्ण जागरूक व क्रियाशील नवयुवक व नवयुवतियों को भी सदस्य बनाया जाए। प्रत्येक राजस्व ग्राम में निगरानी समिति के सदस्यों की संख्या न्यूनतम 11 रखी जाए। सभी क्षेत्रों में निगरानी समितियों के गठन का नेतृत्व इंसीडेंट कमांडर के रूप में एसडीएम करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में उनका सहयोग बीडीओ और एडीओ पंचायत करेंगे। नगरीय क्षेत्रों में अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका व नगर पंचायतें इसके लिए उत्तरदायी होंगे। जनपद स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों के गठन व आवश्यक प्रशिक्षण आदि कार्यों का संपादन सीडीओ और नगरीय क्षेत्र में निगरानी समितियों के गठन व आवश्यक प्रशिक्षण आदि का कार्य एडीएम प्रशासन करेंगे।
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डीएम ने बताया कि अनेक ऐसे प्रवासी मजदूर व व्यक्ति हैं जो सीधे रोडवेज बस स्टेशन आजमगढ़ पर आए हैं और उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाए। अन्य जनपदों के लोगों को रोडवेज द्वारा उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जो संदिग्ध होंगे उनको सीएमओ द्वारा निर्धारित एसओपी के तहत कार्रवाई की जाएगी। अन्य प्रांतों से नोडल अधिकारी एवं कलेक्टर्स द्वारा अनुमति प्राप्त करके आने वालों की प्रतियां भी सूचना के तौर पर यहां आती हैं। उनके विषय में एडीएम वित्त एवं राजस्व सीएमओ के माध्यम से संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं एसडीएम को सूचित कर दें ताकि उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा सके। बिना किसी की अनुमति के जो लोग पधार रहे हैं उनके सर्विलांस के लिए जनपद में प्रत्येक राजस्व ग्रामों में निगरानी समितियां गठित करें। जो इस बात की दृष्टि रखेगी कि कोई भी व्यक्ति उस गांव में प्रवेश करे तो उसे गांव के बाहर विद्यालय आदि में रोक कर संबंधित एसडीएम व प्रभारी चिकित्साधिकारी को सूचित करें।
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गठित निगरानी समिति में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, सचिव, लेखपाल, आंगनवाड़ी, आशा व चौकीदार के साथ-साथ गांव के पोस्ट ग्रेजुएट, ग्रेजुएट अथवा इंटरमीडिएट उत्तीर्ण जागरूक व क्रियाशील नवयुवक व नवयुवतियों को भी सदस्य बनाया जाए। प्रत्येक राजस्व ग्राम में निगरानी समिति के सदस्यों की संख्या न्यूनतम 11 रखी जाए। सभी क्षेत्रों में निगरानी समितियों के गठन का नेतृत्व इंसीडेंट कमांडर के रूप में एसडीएम करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में उनका सहयोग बीडीओ और एडीओ पंचायत करेंगे। नगरीय क्षेत्रों में अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका व नगर पंचायतें इसके लिए उत्तरदायी होंगे। जनपद स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों के गठन व आवश्यक प्रशिक्षण आदि कार्यों का संपादन सीडीओ और नगरीय क्षेत्र में निगरानी समितियों के गठन व आवश्यक प्रशिक्षण आदि का कार्य एडीएम प्रशासन करेंगे।
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