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एफनजीटी अनुश्रवण समिति की कार्रवाई से मचा हड़कंप

Fri, 11 Oct 2019 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Oct 2019 11:18 PM IST
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NGT monitoring committee's action stirred up
आजमगढ़। जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, बायो मेडिकल वेस्ट, नालों की टैपिंग आदि के प्रति बरती गई लापरवाही पर एनजीटी अनुश्रवण समिति की ओर से भारी भरकम जुर्माना लगाया गया है। इस जुर्माने के बाद अस्पताल संचालकों और जिन विभागों के ऊपर जुर्माना लगा है उनमें हड़कंप मचा हुआ है। शुक्रवार को पूरे दिन इसकी जानकारी होने पर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। वहीं अभी तक समिति का यह आदेश किसी के पास पहुंचा नहीं है।
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एनजीटी द्वारा गठित पूर्वी यूपी की नदियों और जलाशयों की अनुश्रवण समिति में शामिल देवी प्रसाद सिंह पूर्व न्यायाधीश अध्यक्ष, राजेंद्र सिंह पूर्व न्यायाधीश सचिव,ने अन्य अधिकारियों के साथ 31 मई और एक जून 2019 को आजमगढ़ और मऊ जनपद का निरीक्षण किया था। इस दौरान मुख्य रुप से तमसा नदी के किनारे हुए अवैध निर्माण, कूड़ा निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर मंथन के बाद समिति ने अब आजमगढ़ के पांच और मऊ के दो अस्पतालों के साथ ही आजमगढ़ विकास प्राधिकरण और नगरपालिका पर भारी भरकम जुर्माना लगा दिया है। आजमगढ़ के जिला महिला अस्पताल, मंडलीय पुरुष अस्पताल, रहमान अस्पताल, ओशो धरा अस्पताल, वेदांता हास्पीटल, मऊ जनपद के जिला अस्पताल मऊ पर प्रति अस्पताल 3.46 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। मऊ के ही फातिमा अस्पताल पर 1.15 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। इस प्रकार कुल सात अस्पतालों पर 21.96 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। वहीं आजमगढ़ विकास प्राधिकरण पर 2.73 करोड़, नगर पालिका पर 1.09 करोड़ समेत कुल 25.79 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। अनुश्रवण समिति की इस कार्रवाई से अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। पूरे दिन हर चट्टी चौराहे पर इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
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75 मीटर के दायरे में आने वालों को राहत, अब 50 मीटर वाले निशाने पर
आजमगढ़। एनजीटी की अनुश्रवण समिति के निर्देश पर विकास प्राधिकरण ने तमसा नदी के 75 मीटर के दायरे में आने वाले 607 आवासों को चिह्नित किया था। इन आवासों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जानी थी। कार्रवाई से पहले एडीए की ओर से कमिश्नर और शासन को पत्र लिखकर इस बारे में दिशा निर्देश भी मांगा गया था। अब समिति ने अपने ने निर्देशों में इस सीमा को घटाकर 50 मीटर कर दिया है। इ ससे कई आवास मालिकों को राहत मिलेगी। समिति ने प्राधिकरण को 50 मीटर में आने वाले भवनों को छह माह में हटाने के सख्त आदेश दिए हैं। इसलिए एडीए को फिर से गणना कर कार्रवाई भी शुरू करने होगी। अन्यथा की स्थिति में एडीए को पांच लाख प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
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एनजीटी अनुश्रवण समिति ने अगर आदेश दिया है तो 50 मीटर एरिया में कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि हम कार्य करने में विश्वास करते हैं। रही बात जुर्माने की तो इसके लिए शासन और अपने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर फैसला लिया जाएगा।
बाबू सिंह, एडीए सचिव।
हमारे यहां जांच में समिति के सदस्यों को कुछ नहीं मिला था। वैसे अगर उन्होंने जुर्माना लगाया है तो मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। क्योंकि अभी तक मुझे कोई पत्र नहीं मिला है, पत्र मिलने के बाद देखा जाएगा।

डा. अमिता अग्रवाल, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल।
हमें भी इस बात की जानकारी अखबारों के माध्यम से हुई है। लेकिन अभी तक इस तरह का कोई पत्र हमारे पास आया नहीं है। इसलिए इस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है आने के बाद देखेंगे।
डा. एसकेजी सिंह, एसआईसी, मंडलीय जिला अस्पताल।
अभी तक हमारे पास समिति की ओर से कोई आदेश की कापी नहीं मिली है। इसलिए मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। बिना आदेश मिले कुछ भी कहना मुश्किल है।
शुभनाथ प्रसाद, ईओ, नगरपालिका।
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