{"_id":"807accb640ba03fed0b4f3cd904bf005","slug":"names-are-taking-away-pain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाम लेने से दूर हो जाते हैं कष्ट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाम लेने से दूर हो जाते हैं कष्ट
ब्यूरो अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 12 Jul 2015 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिस्तीपुर गांव स्थित कौलेश्वर धाम (कैलीस्थान) पर श्री राम कथा ज्ञानयज्ञ के पांचवें दिन अतुल कृष्ण भारद्वाज ने भगवान राम की बाललीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का नाम लेने भर से भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं। इस दौरान भक्तों के जयकारे पूरा पंडाल गूंज उठा था।
मुख्य यजमान अजय कुमार कसौधन एवं पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद्र जायसवाल ने भगवान श्रीराम एवं व्यास पीठ का पूजन किया। व्यास पीठ की परिक्रमा कर सुुख-समृृद्धि की कामना की। अतुल कृष्ण भारद्वाज ने श्रीराम के बालपन की कथा सुनाते हुए कहा कि बचपन का संस्कार व्यक्ति निर्माण में सहायक होता है।
श्रीराम के दर्शन मात्र से इंद्र और अहिल्या का उद्धार हो गया। विस्तार से श्रीराम के नामकरण एवं भगवान श्रीराम के बचपन के सभी लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि हिंदू धर्म में सोलह संस्कार बताए गए हैं। इन्हीं संस्कारों से ही किसी भी बालक का व्यक्ति निर्माण तय होता है। कहा कि प्रभु श्रीराम का नाम सुमिरन करने से सभी कष्टों का निवारण हो जाता है और बैकुंठ की प्राप्ति होती है। अंत में भगवान श्रीराम के आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य यजमान अजय कुमार कसौधन एवं पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद्र जायसवाल ने भगवान श्रीराम एवं व्यास पीठ का पूजन किया। व्यास पीठ की परिक्रमा कर सुुख-समृृद्धि की कामना की। अतुल कृष्ण भारद्वाज ने श्रीराम के बालपन की कथा सुनाते हुए कहा कि बचपन का संस्कार व्यक्ति निर्माण में सहायक होता है।
विज्ञापन
श्रीराम के दर्शन मात्र से इंद्र और अहिल्या का उद्धार हो गया। विस्तार से श्रीराम के नामकरण एवं भगवान श्रीराम के बचपन के सभी लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि हिंदू धर्म में सोलह संस्कार बताए गए हैं। इन्हीं संस्कारों से ही किसी भी बालक का व्यक्ति निर्माण तय होता है। कहा कि प्रभु श्रीराम का नाम सुमिरन करने से सभी कष्टों का निवारण हो जाता है और बैकुंठ की प्राप्ति होती है। अंत में भगवान श्रीराम के आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।
विज्ञापन