फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Mukhtar Ansari News judge says Had elder brother done his duty there would have been no small mafia

Mukhtar Ansari: जज ने कहा- बड़े भाई ने अपना फर्ज निभाया होता तो छोटा न बनता माफिया, मुंशी प्रेमचंद की कहानी...

Mon, 01 May 2023 10:01 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 01 May 2023 10:01 AM IST
सार

Mukhtar Ansari News: जज ने कहा कि मुख्तार अंसारी ने जब पहली बार अपराध की दुनिया में कदम रखा था उसी समय अफजाल अंसारी ने उसे रोका होता। शायद मुख्तार अपराध की दुनिया में नहीं होता। बल्कि, एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होता। 

विज्ञापन
Mukhtar Ansari News judge says Had elder brother done his duty there would have been no small mafia
Mukhtar Ansari News - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माफिया मुख्तार अंसारी और उसके बड़े भाई सांसद अफजाल अंसारी को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी पाने के बाद सजा सुनाने के दौरान एमपी-एमएलए कोर्ट के जज ने कथा सम्राट मुंशी प्रेमंचद की कहानी बड़े भाई साहब का जिक्र किया।  जज ने अफजाल अंसारी से कहा कि मुंशी प्रेमचंद की कहानी में दो भाइयों का जिक्र है। बड़ा भाई अपना फर्ज निभाते हुए छोटे भाई को अच्छे रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता है। लेकिन, अफजाल अंसारी ने ऐसा नहीं किया।

विज्ञापन


जज ने कहा कि मुख्तार अंसारी ने जब पहली बार अपराध की दुनिया में कदम रखा था उसी समय अफजाल अंसारी ने उसे रोका होता। शायद मुख्तार अपराध की दुनिया में नहीं होता। बल्कि, एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होता। 

विज्ञापन

कोर्ट में बड़े भाई साहब कहानी का उल्लेख

गाजीपुर के एडीजीसी क्रिमिनल नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि फैसला सुनाने से पहले एमपी-एमएलए कोर्ट के जज ने बड़े भाई साहब कहानी का उल्लेख किया। इसके बाद उन्होंने सजा सुनाई। सांसद अफजाल अंसारी के लिए अब क्या कानूनी विकल्प हैं? 

विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: गाजीपुर जेल में बैरक नंबर 10 फिर बना अंसारी बंधु का ठिकाना, ऐसे बीती कैद में अफजाल की पूरी रात
 

इस सवाल पर एडीजीसी क्रिमिनल नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि अफजाल अंसारी की संसद की सदस्यता चली जाएगी। जिस जनप्रतिनिधि को दो साल से अधिक की सजा से दंडित किया जाता है, उसकी संसद या विधानसभा की सदस्यता चली जाती है। 

 

रविवार का दिन होने की वजह से फैसले की प्रति लोकसभा को नहीं भेजी गई है। सोमवार को जजमेंट की प्रति लोकसभा में जाएगी। अफजाल अंसारी निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed