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Azamgarh News: महिलाओं के नाम 34,400 से अधिक वाहन, लाइसेंस सिर्फ 9000 के पास
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आजमगढ़। जिले में महिलाएं वाहन खरीदने और उसे चलाने में तो आगे नजर आ रही हैं लेकिन यातायात नियमों का पालन करने और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में फिसड्डी साबित हो रही हैं। संभागीय परिवहन कार्यालय की ओर से मिले आंकड़ों पर नजर डालें तो 14800 कॉमर्शियल वाहन और 24400 प्राइवेट वाहन महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हैं। महिलाएं दोपहिया और चार पहिया वाहन चला भी रही हैं, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में पीछे हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी वीडी मिश्रा के मुताबिक 9 हजार महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए हैं।
जिले में महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की संख्या पुरुषों की तुलना में काफी कम है। पुरुषों के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की संख्या 5 लाख है। जनपद में 2.84 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। प्रति वर्ष पंजीकृत होने वाली करीब 10 प्रतिशत गाड़ियां महिलाओं के नाम हैं। बीते एक वर्ष में लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या में इजाफा हुआ है।
ई-रिक्शा महिलाओं के नाम, चला रहे पति या पुत्र
जनपद में इन दिनों ई-रिक्शा की भरमार हो गई है। अगर इनके पंजीकरण पर नजर डालें तो महिलाओं के नाम पर यह पंजीकृत हैं। भले ही यह ई-रिक्शा महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हैं लेकिन उनका संचालन उनके बेटे या पति के द्वारा किया जाता है।
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बिना डीएल वाहन चलाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना
एआरटीओ वीडी मिश्रा ने बताया कि बगैर लाइसेंस के वाहन चलाने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो दुर्घटना होने की स्थिति में क्लेम नहीं मिलता। वाहन भले ही महिलाओं के नाम दर्ज हैं लेकिन उनके लाइसेंस की संख्या कम है। कामकाजी महिलाएं और छात्राएं ही लाइसेंस बनवा रही हैं इसके लिए अभिभावकों की सोच जिम्मेदार है।
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जिले में महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की संख्या पुरुषों की तुलना में काफी कम है। पुरुषों के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की संख्या 5 लाख है। जनपद में 2.84 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। प्रति वर्ष पंजीकृत होने वाली करीब 10 प्रतिशत गाड़ियां महिलाओं के नाम हैं। बीते एक वर्ष में लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या में इजाफा हुआ है।
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ई-रिक्शा महिलाओं के नाम, चला रहे पति या पुत्र
जनपद में इन दिनों ई-रिक्शा की भरमार हो गई है। अगर इनके पंजीकरण पर नजर डालें तो महिलाओं के नाम पर यह पंजीकृत हैं। भले ही यह ई-रिक्शा महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हैं लेकिन उनका संचालन उनके बेटे या पति के द्वारा किया जाता है।
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बिना डीएल वाहन चलाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना
एआरटीओ वीडी मिश्रा ने बताया कि बगैर लाइसेंस के वाहन चलाने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो दुर्घटना होने की स्थिति में क्लेम नहीं मिलता। वाहन भले ही महिलाओं के नाम दर्ज हैं लेकिन उनके लाइसेंस की संख्या कम है। कामकाजी महिलाएं और छात्राएं ही लाइसेंस बनवा रही हैं इसके लिए अभिभावकों की सोच जिम्मेदार है।