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फर्जी बिल बनाकर कराया लाखों रुपये का भुगतान

Thu, 02 Dec 2021 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 11:24 PM IST
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Millions of rupees were paid by making fake bills
सरकारी महकमा का अजब खेल हो रहा है। इसकी कलाई तब खुली जब मंडलायुक्त ने मिली शिकायत पर जांच शुरू कर दी। जांच में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, समग्र शिक्षा द्वारा निशुल्क पाठ्य पुस्तकों के ढ़ुलाई में किए गए वित्तीय अनियमितता सामने आए। सहायक शिक्षा निदेशक अमरनाथ राय ने लेखाधिकारी, समग्र शिक्षा को उनके मूल विभाग में वापस किए जाने तथा गबन किए गए धनराशि को इनके वेतन से वसूली किए जाने के साथ ही मेसर्स मनोज ट्रेडिग कंपनी एलवल को ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति की है।
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भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष आशुतोष पाठक जो पठखौली के रहने वाले हैं। उन्होंने 17 अगस्त को अपर आयुक्त(न्यायिक) से शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत पर जांच शुरू हुई। इसे लेकर जिला समन्वयक (सामुहिक सहभागिता एवं समेकित शिक्षा) से वित्तीय वर्ष 2019-20 व 2020-21 में पाठ्य-पुस्तकों के ढुलाई की मूल पत्रावली उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बावजूद उनके द्वारा पत्रावलियां नहीं उपलब्ध कराई गई। वित्तीय वर्ष 2020-21 की पत्रावली के अवलोकनोपरांत सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी समग्र शिक्षा संतोष कुमार सिंह द्वारा पाठ्य पुस्तक ढुलाई के भुगतान की पत्रावली में कमियां पाई गई। उनसे पांच अक्टूबर तक साक्ष्य सहित आख्या मांगी गई थी लेकिन उनके द्वारा पत्रावलियां उपलब्ध नहीं कराई गई। जांच में पाया गया कि पाठय-पुस्तक ढुलाई के भुगतान में जो विल पत्रावली में संरक्षित है। वह संबंधित फर्म के विल पर न होकर सादे पेपर पर कंप्यूटर टाईप करा कर पत्रावली में संलग्न किया गया है। जिस पर जीएसटी नंबर अंकित नहीं है। वहीं पत्रावली में संरक्षित पाठय-पुस्तक ढुलाई की किसी भी विल को पारित एवं निरस्त नहीं किया गया है, जो कि भुगतान के समय में वित्तीय नियमानुसार किया जाना
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अनिवार्य है। पत्रावली में संलग्न बिल तीन जुलाई 2020 से 26 सितंबर तक डीजल की प्रति लिटर दर 73.77 रुपये के दर से भुगतान किया गया है, जबकि पेट्रोलियम पदार्थ का मूल्य प्रतिदिन दर घटती-बढती रहती है। वहीं जूनियर हाई स्कूल जाफरपुर, पल्हनी से बीआरसी तरवां की दूरी 45 किलोमीटर है, जबकि बिल में कुल 145 किलोमीटर आने-जाने का दूरी दिखा कर भुगतान किया गया है। इसी प्रकार बीआरसी पल्हना की दूरी 40 किलोमीटर है, जबकि बिल में कुल 160 किलोमीटर आने-जाने का दूरी दिखा कर भुगतान किया गया है। ऐसी कई गड़बड़ी सामने आई है।
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