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महंगाई की आंच में जल रहा मिड-डे मील
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सगड़ी। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को मिड-डे मील खिलाया जाता है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिस कारण दाल, सब्जियों तथा दूध का मूल्य भी आसमान छू रहे हैं। महंगाई बढ़ी, लेकिन परिषदीय विद्यालयों के लिए बनने वाले मिड-डे-मील की कन्वर्जन कॉस्ट में दो साल से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। धनराशि कम रहने और महंगाई बढ़ने से छात्रों को मिलने वाले भोजन पर संकट उत्पन्न हो रहा है।
स्कूलों के शिक्षक-शिक्षाएं व ग्राम प्रधान किसी तरह इस धनराशि में छात्रों को मिड-डे-मील खिला रहे हैं। सरकारी स्कूलों में मेन्यू के अनुसार दोपहर में ताजा पौष्टिक भोजन दिया जाता है। विभाग के अनुसार प्राइमरी स्कूल में प्रति बच्चा 4 रुपये 95 पैसे के दर से तथा जूनियर स्कूलों में 7 रुपये 45 पैसे की दर से खाना पकाने के लिए धनराशि भेजी जा रही हैं। सरकार की ओर से प्रति छात्र 100 ग्राम प्राइमरी तथा डेढ़ सौ ग्राम जूनियर में चावल व गेहूं दिया जाता है। इन स्कूलों में मेन्यू के अनुसार ताजा व पौष्टिक भोजन दिया जाता है। शिक्षकों का कहना है कि कन्वर्जन कॉस्ट में गत दो सालों से एक पैसे की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस धनराशि में तेल, नमक, मसाले, सब्जी दूध, चीनी, गैस लेना कठिन हो रहा है।
अजमतगढ़ के प्राथमिक विद्यालय के प्राधानाध्यापक अवधेश यादव ने कहा किमहंगाई को देखते हुए कन्वर्जन कॉस्ट बढ़ाना आवश्यक है। इस धनराशि में मिड-डे मील तैयार करना कठिन हो रहा है। सरसों का जो तेल 100 रुपये किलो था वह आज दो के पार चला गया है। बाकी के सामानों के भी दाम बढ़े हैं। वहीं महुलिया बोझिया के कंपोजिट विद्यालय के प्राधानाध्यापक विमल प्रकाश ने कहा कि गत दो वर्षों से कन्वर्जन कॉस्ट नहीं बढ़ी है, जबकि महंगाई बहुत बढ़ गई है। कोरोना काल में विद्यालय बंद रहे। अब शासन को कन्वर्जन कॉस्ट महंगाई के अनुसार बढ़ा देनी चाहिए। ताकि विद्यालयों को कोई समस्या सामने न आए। धौरहरा दोरजी के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक घनश्याम यादव ने कहा कि तेल, आलू आदि सभी खाद्य सामग्री के दाम डेढ़ से दोगुना बढ़ गए हैं, जबकि हमें किसी तरह उसी कन्वर्जन कॉस्ट से काम चलाना पड़ रहा है। सरकार कन्वर्जन कॉस्ट में बाजार मूल्य के हिसाब से वृद्धि कर देनी चाहिए। ताकि हमारे सामने समस्या न आए। अजमतगढ़ जूनियर विद्यालय के प्राध्यापक रामकरन ने कहा कि महंगाई को देखते हुए मिड-डे-मील कन्वर्जन कॉस्ट बढ़नी चाहिए। गैस सिलिंडर की कीमत ज्यादा बढ़ोतरी हो गई। सब्जी, दाल आदि के मूल्य भी बढ़ गए हैं। इस महंगाई के दौर में हम आज भी किसी तरह पुराने रेट पर ही मिड-डे मील बनाया जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने कहा कि सभी विद्यालयों में प्रतिदिन मिड-डे-मील छात्र-छात्राओं को खिलाया जा रहा है। मेन्यू के साथ ही मिड-डे-मील दिया जा रहा है। शिक्षकों, प्रधानों की मांग को उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है। शासन का जैसे आदेश होगा उसी प्रकार से कार्य किया जाएगा।
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स्कूलों के शिक्षक-शिक्षाएं व ग्राम प्रधान किसी तरह इस धनराशि में छात्रों को मिड-डे-मील खिला रहे हैं। सरकारी स्कूलों में मेन्यू के अनुसार दोपहर में ताजा पौष्टिक भोजन दिया जाता है। विभाग के अनुसार प्राइमरी स्कूल में प्रति बच्चा 4 रुपये 95 पैसे के दर से तथा जूनियर स्कूलों में 7 रुपये 45 पैसे की दर से खाना पकाने के लिए धनराशि भेजी जा रही हैं। सरकार की ओर से प्रति छात्र 100 ग्राम प्राइमरी तथा डेढ़ सौ ग्राम जूनियर में चावल व गेहूं दिया जाता है। इन स्कूलों में मेन्यू के अनुसार ताजा व पौष्टिक भोजन दिया जाता है। शिक्षकों का कहना है कि कन्वर्जन कॉस्ट में गत दो सालों से एक पैसे की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस धनराशि में तेल, नमक, मसाले, सब्जी दूध, चीनी, गैस लेना कठिन हो रहा है।
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अजमतगढ़ के प्राथमिक विद्यालय के प्राधानाध्यापक अवधेश यादव ने कहा किमहंगाई को देखते हुए कन्वर्जन कॉस्ट बढ़ाना आवश्यक है। इस धनराशि में मिड-डे मील तैयार करना कठिन हो रहा है। सरसों का जो तेल 100 रुपये किलो था वह आज दो के पार चला गया है। बाकी के सामानों के भी दाम बढ़े हैं। वहीं महुलिया बोझिया के कंपोजिट विद्यालय के प्राधानाध्यापक विमल प्रकाश ने कहा कि गत दो वर्षों से कन्वर्जन कॉस्ट नहीं बढ़ी है, जबकि महंगाई बहुत बढ़ गई है। कोरोना काल में विद्यालय बंद रहे। अब शासन को कन्वर्जन कॉस्ट महंगाई के अनुसार बढ़ा देनी चाहिए। ताकि विद्यालयों को कोई समस्या सामने न आए। धौरहरा दोरजी के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक घनश्याम यादव ने कहा कि तेल, आलू आदि सभी खाद्य सामग्री के दाम डेढ़ से दोगुना बढ़ गए हैं, जबकि हमें किसी तरह उसी कन्वर्जन कॉस्ट से काम चलाना पड़ रहा है। सरकार कन्वर्जन कॉस्ट में बाजार मूल्य के हिसाब से वृद्धि कर देनी चाहिए। ताकि हमारे सामने समस्या न आए। अजमतगढ़ जूनियर विद्यालय के प्राध्यापक रामकरन ने कहा कि महंगाई को देखते हुए मिड-डे-मील कन्वर्जन कॉस्ट बढ़नी चाहिए। गैस सिलिंडर की कीमत ज्यादा बढ़ोतरी हो गई। सब्जी, दाल आदि के मूल्य भी बढ़ गए हैं। इस महंगाई के दौर में हम आज भी किसी तरह पुराने रेट पर ही मिड-डे मील बनाया जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने कहा कि सभी विद्यालयों में प्रतिदिन मिड-डे-मील छात्र-छात्राओं को खिलाया जा रहा है। मेन्यू के साथ ही मिड-डे-मील दिया जा रहा है। शिक्षकों, प्रधानों की मांग को उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है। शासन का जैसे आदेश होगा उसी प्रकार से कार्य किया जाएगा।
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