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निरंकारी समागम में उमड़ा जन सैलाब
ब्यूरो अमर उजाला आजमगढ़
Updated Mon, 15 Dec 2014 12:48 AM IST
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निरंकारी संत बाबा हरदेव सिंह ने लोगों को निरंकार ब्रह्म की सत्ता से अवगत कराया। कहा कि जो मालिक के करीब है वह गरीब नहीं हो सकता। कबीर के अनुसार वास्तव में गुरबत में वही है, गरीब वही है जो राम नाम रूपी दौलत से वंचित है।
इसके विपरीत संतों और भक्ताें का दर्जा ऊंचा रहता है। क्योंकि वह ऊंचे के साथ नाता जोड़ते हैं और भक्ति ही वो ऊंचाई प्र्रदान करती है।
वे रविवार को नगर के आईटीआई मैदान में आयोजित संत समागम में बोल रहे थे। समागम का आयोजन संत निरंकारी मंडल द्वारा किया गया था।
समागम में बाबा हरदेव ने कहा कि मीरा-कबीर आदि भक्तों का ऊंचा रुतबा उनके पास राम नाम धन रहने के नाते ही है। भक्ति या बंदगी झोपड़ी को महल से भी भव्य और सुंदर बना देती है।
कहा कि भक्ति हर हाल में आन प्र्रदान करती है। चाहे भक्त धूप में हो या बरसात में, वह स्वयं आनंदित रहकर लोगों में आनंद बांटता है। क्योंकि वह आनंद के स्रोत निराकार रूप में परमात्मा से जुड़े रहते हैं।
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कहा कि जीवन में ठहराव यानि आवागमन की मुक्ति के लिए ब्रह्मज्ञान को प्राप्त करना आवश्यक है। शरीरों की यात्रा तो 50-100 वर्षों के बाद खत्म हो जाती है। लेकिन आत्मा की यात्रा बिना सत्य के बोध के खत्म नहीं होती।
उन्होंने कहा कि प्यार का माहौल बनाने के लिए धरती को गुलजार करें। जातपात की भावना से ऊपर उठकर संसार में फैली नफरत को मिटाएं।
हजारों ने ली दीक्षा
आईटीआई मैदान में आयोजित समागम के लिए संत निरंकारी मंडल द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थी। लोगों के बैठने के लिए काफी बड़ा पंडाल लगा था।
निरंकारी सेवा मंडल के सदस्य लोगों को उनकी जगह पर बैठाने और उनकी सुविधा का ध्यान रख रहे थे। समागम में हजारों लोगों ने निरंकारी दीक्षा ग्रहण की।
बारिश भी नहीं डिगा सकी हौसला
आजमगढ़। विगत कई दिनों से जनपद में पड़ रही कड़ाके की सर्दी और रविवार की सुबह शुरू हुई बारिश भी लोगों की श्रद्धा को डिगा नहीं पाई।
रविवार की सुबह बारिश के बाद भी लोग आटो, बस, ट्रैक्टर ट्राली आदि से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। देखते ही देखते पूरा आईटीआई ग्राउंड सत्संगियों से भर गया था।
पूरे दिन टिप-टिप कर बारिश होती रही और लोग आईटीआई मैदान में जमे रहे। जब तक बाबा हरदेव का प्रवचन पूरा नहीं हुआ किसी ने पंडाल नहीं छोड़ा। बारिश से बचने के लिए तमाम लोग सिर पर पालीथिन रख कर बैठे रहे।
छोटा पड़ गया पार्किंग स्थल
आजमगढ़। निरंकारी संत समागम में भाग लेने वालों के वाहनों के लिए बनाया गया पार्किंग स्थल छोटा पड़ गया। सदर अस्पताल में दुपहिया वाहनों और बलरामपुर में चार पहिया वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था थी।
लेकिन रविवार को आस्थावानों का रेला उमड़ा तो दोनों पार्किंग स्थल छोटे पड़ गए। जिससे देर से पहुंचने वालों को सड़क के किनारे ही गाड़ियों की पार्किंग करनी पड़ी।
लंगर में लगे थे पांच सौ सेवादार
आजमगढ़। निरंकारी संत समागम में भाग लेने के लिए दूर-दूर से आने वाले लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई थी। इसमें हजारों लोगों ने लंगर में प्रसाद छका।
लोगों को प्रसाद परोसने के लिए आयोजकों की ओर से पांच सौ महिला और पुरुष सेवादारों को लगाया गया था।
सुरक्षा में थे सेवादल के हजारों कार्यकर्ता
आजमगढ़। संत समागम में किसी प्रकार की भी गड़बड़ी को रोकने के लिए निरंकारी सेवादल के लगभग दो हजार कार्यकर्ताओं को लगाया गया था।
जो लोगों को नियत स्थान पर बैठाने के साथ ही उनकी सुविधा का भी ध्यान रख रहे थे। बाबा की गाड़ी पहुंचते ही सेवादल के कार्यकर्ता काफी तेजी से सक्रिय हुए और लोगों को गाड़ी के मार्ग से हटाया।।
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इसके विपरीत संतों और भक्ताें का दर्जा ऊंचा रहता है। क्योंकि वह ऊंचे के साथ नाता जोड़ते हैं और भक्ति ही वो ऊंचाई प्र्रदान करती है।
वे रविवार को नगर के आईटीआई मैदान में आयोजित संत समागम में बोल रहे थे। समागम का आयोजन संत निरंकारी मंडल द्वारा किया गया था।
समागम में बाबा हरदेव ने कहा कि मीरा-कबीर आदि भक्तों का ऊंचा रुतबा उनके पास राम नाम धन रहने के नाते ही है। भक्ति या बंदगी झोपड़ी को महल से भी भव्य और सुंदर बना देती है।
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कहा कि भक्ति हर हाल में आन प्र्रदान करती है। चाहे भक्त धूप में हो या बरसात में, वह स्वयं आनंदित रहकर लोगों में आनंद बांटता है। क्योंकि वह आनंद के स्रोत निराकार रूप में परमात्मा से जुड़े रहते हैं।
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कहा कि जीवन में ठहराव यानि आवागमन की मुक्ति के लिए ब्रह्मज्ञान को प्राप्त करना आवश्यक है। शरीरों की यात्रा तो 50-100 वर्षों के बाद खत्म हो जाती है। लेकिन आत्मा की यात्रा बिना सत्य के बोध के खत्म नहीं होती।
उन्होंने कहा कि प्यार का माहौल बनाने के लिए धरती को गुलजार करें। जातपात की भावना से ऊपर उठकर संसार में फैली नफरत को मिटाएं।
हजारों ने ली दीक्षा
आईटीआई मैदान में आयोजित समागम के लिए संत निरंकारी मंडल द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थी। लोगों के बैठने के लिए काफी बड़ा पंडाल लगा था।
निरंकारी सेवा मंडल के सदस्य लोगों को उनकी जगह पर बैठाने और उनकी सुविधा का ध्यान रख रहे थे। समागम में हजारों लोगों ने निरंकारी दीक्षा ग्रहण की।
बारिश भी नहीं डिगा सकी हौसला
आजमगढ़। विगत कई दिनों से जनपद में पड़ रही कड़ाके की सर्दी और रविवार की सुबह शुरू हुई बारिश भी लोगों की श्रद्धा को डिगा नहीं पाई।
रविवार की सुबह बारिश के बाद भी लोग आटो, बस, ट्रैक्टर ट्राली आदि से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। देखते ही देखते पूरा आईटीआई ग्राउंड सत्संगियों से भर गया था।
पूरे दिन टिप-टिप कर बारिश होती रही और लोग आईटीआई मैदान में जमे रहे। जब तक बाबा हरदेव का प्रवचन पूरा नहीं हुआ किसी ने पंडाल नहीं छोड़ा। बारिश से बचने के लिए तमाम लोग सिर पर पालीथिन रख कर बैठे रहे।
छोटा पड़ गया पार्किंग स्थल
आजमगढ़। निरंकारी संत समागम में भाग लेने वालों के वाहनों के लिए बनाया गया पार्किंग स्थल छोटा पड़ गया। सदर अस्पताल में दुपहिया वाहनों और बलरामपुर में चार पहिया वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था थी।
लेकिन रविवार को आस्थावानों का रेला उमड़ा तो दोनों पार्किंग स्थल छोटे पड़ गए। जिससे देर से पहुंचने वालों को सड़क के किनारे ही गाड़ियों की पार्किंग करनी पड़ी।
लंगर में लगे थे पांच सौ सेवादार
आजमगढ़। निरंकारी संत समागम में भाग लेने के लिए दूर-दूर से आने वाले लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई थी। इसमें हजारों लोगों ने लंगर में प्रसाद छका।
लोगों को प्रसाद परोसने के लिए आयोजकों की ओर से पांच सौ महिला और पुरुष सेवादारों को लगाया गया था।
सुरक्षा में थे सेवादल के हजारों कार्यकर्ता
आजमगढ़। संत समागम में किसी प्रकार की भी गड़बड़ी को रोकने के लिए निरंकारी सेवादल के लगभग दो हजार कार्यकर्ताओं को लगाया गया था।
जो लोगों को नियत स्थान पर बैठाने के साथ ही उनकी सुविधा का भी ध्यान रख रहे थे। बाबा की गाड़ी पहुंचते ही सेवादल के कार्यकर्ता काफी तेजी से सक्रिय हुए और लोगों को गाड़ी के मार्ग से हटाया।।