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सामूहिक उपवास फिर मौन जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ़
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:14 PM IST
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कुवंर सिंह उद्यान में शिक्षा मित्रो ने काली पट्टी बांध कर किया प्रदर्शन।
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कोर्ट के फैसले से आहत शिक्षामित्रों का धरना और प्रदर्शन सोमवार को छठवें दिन कुंवर सिंह उद्यान में जारी रहा। धरने के बाद शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांधी, उपवास रखा और मौन जुलूस निकालकर विरोध जताया। धरने में पहुंचे पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि हम शिक्षामित्रों द्वारा किए गए 17 वर्षों की तपस्या को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। हम आपकी मांग को मजबूती के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। आवश्यकता पड़ी तो मुख्यमंत्री से मिलाने का भी प्रयास करूंगा। अन्य वक्ताओं ने कहा कि हम सभी शिक्षामित्र स्नातक और दूरस्थ बीटीसी होने के साथ-साथ 17 वर्षों का शिक्षण अनुभव भी रखते हैं। यदि टीईटी ही संपूर्ण योग्यता है तो हमें टीईटी के लिए समय दिया गया होता। वक्ताओं ने कहा कि धरने के छह दिन बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा स्पष्ट आश्वासन न देते हुए संयम बनाए रखने की अपील करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सरकार कहती है कि आप विद्यालय जाइए लेकिन यह स्पष्ट नहीं करती है कि हम किस पद पर किसी सेवा शर्त पर विद्यालय जाएं। जब तक हमारी मांगों पर सरकार द्वारा न्यायोचित ढ़ंग से स्थाई और स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया जाता तब तक हमारा धरना अनवरत चलता रहेगा। यदि जरूरत पड़ी तो हम विधानसभा और लोकसभा घेरेंगे। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर कुंवर सिंह उद्यान से मौन जुलूस निकाला। जो नगरपालिका चौराहा, कलेक्ट्रेट चौराहा, नेहरू हॉल, एसपी आफिस होते हुए कुंवर सिंह उद्यान पह़ुंचकर समाप्त हुआ। इस मौके पर देवसी यादव, हरेंद्र सिंह, कैलाश यादव, कृष्ण मोहन उपाध्याय, अनिल विश्वकर्मा, ओमप्रकाश यादव, जय सिंह, राम प्रताप, प्रतिमा राय आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि हम शिक्षामित्रों द्वारा किए गए 17 वर्षों की तपस्या को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। हम आपकी मांग को मजबूती के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। आवश्यकता पड़ी तो मुख्यमंत्री से मिलाने का भी प्रयास करूंगा। अन्य वक्ताओं ने कहा कि हम सभी शिक्षामित्र स्नातक और दूरस्थ बीटीसी होने के साथ-साथ 17 वर्षों का शिक्षण अनुभव भी रखते हैं। यदि टीईटी ही संपूर्ण योग्यता है तो हमें टीईटी के लिए समय दिया गया होता। वक्ताओं ने कहा कि धरने के छह दिन बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा स्पष्ट आश्वासन न देते हुए संयम बनाए रखने की अपील करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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सरकार कहती है कि आप विद्यालय जाइए लेकिन यह स्पष्ट नहीं करती है कि हम किस पद पर किसी सेवा शर्त पर विद्यालय जाएं। जब तक हमारी मांगों पर सरकार द्वारा न्यायोचित ढ़ंग से स्थाई और स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया जाता तब तक हमारा धरना अनवरत चलता रहेगा। यदि जरूरत पड़ी तो हम विधानसभा और लोकसभा घेरेंगे। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर कुंवर सिंह उद्यान से मौन जुलूस निकाला। जो नगरपालिका चौराहा, कलेक्ट्रेट चौराहा, नेहरू हॉल, एसपी आफिस होते हुए कुंवर सिंह उद्यान पह़ुंचकर समाप्त हुआ। इस मौके पर देवसी यादव, हरेंद्र सिंह, कैलाश यादव, कृष्ण मोहन उपाध्याय, अनिल विश्वकर्मा, ओमप्रकाश यादव, जय सिंह, राम प्रताप, प्रतिमा राय आदि उपस्थित थे।
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