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इंतजार में बीते कई साल, सपने रह गए अधूरे
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निर्माणाधीन हाजीपुर गोला पुल।
- फोटो : AZAMGARH
विधानसभा चुनाव से पूर्व एक जुनून के साथ परियोजनाओं को पूर्ण कराने के लिए शासन और प्रशासन जुटा हुआ था लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद सब बैकफुट पर चला गया। परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की न तो मानीटरिंग हो रही है, न ही इन कार्यों में तेजी लाने के कोई फरमान जारी हो रहे हैं।
नतीजा कार्यदायी एजेंसी भी सुस्त हैं। साइट पर न अधिकारी दिख रहे हैं न ही पर्याप्त मजदूर। कई परियोजनाओं पर काम बंद है तो कुछ पर काम तो हो रहा है पर गिनती के मजदूर दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि बजट की कमी के कारण काम में तेजी नहीं आ रही है वहीं, एजेंसी और अधिकारी इस बात पर मौन साधे हुए हैं। चाहे वह गोला-हाजीपुर पुल हो, मंदुरी एयरपोर्ट या फिर हरिऔध कलाभवन हो। सब के सब आज भी अधूरे पड़े हैं। जबकि इसका निर्माण काफी पहले ही हो जाना चाहिए था।
केस-1, गोला-हाजीपुर पुल का 60 प्रतिशत ही हो पाया कार्य
लाटघाट। देवारांचल को गोरखपुर से जोड़ने के लिए हाजीपुर-गोला पुल पांच साल में नहीं बन पाया है। इसके 25 खंभों में से महज 13 ही बन पाए। अभी 12 और बनने बाकी है। संपर्क मार्ग की 30 प्रतिशत जमीन किसानों से खरीदी ही नहीं जा सकी है। सगड़ी तहसील के उत्तर घाघरा नदी पर हाजीपुर गोला पुल निर्माण वर्ष 2017 से शुरू हुई थी। पुल के 25 पिलर बनाए जाने हैं, जिसमें से अभी 13 पिलर का फाउंडेशन बन पाया है। शेष 12 पिलर पर कार्य चल रहा है। अभी माना जाए तो 60 फीसद काम हो गया है। अभी 40 प्रतिशत काम बाकी है। गोला-हाजीपुर पुल लगभग 1250 मीटर लंबा पुल है। पुल से महुला गढ़वाल बांध तक का संपर्क मार्ग पीडब्ल्यूडी से बनना है। विभागीय लापरवाही के चलते अभी भी पुल बनने में दो से तीन वर्ष लगने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट मैनेजर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम आरएस राय ने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।
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केस-2, जनपदवासियों को मिलेगी जल्द हवाई सुविधा
जनपदवासियों को मंदुरी हवाई अड्डा से हवाई उड़ान की सुविधा जल्द मिलेगी। आचार संहिता खत्म होते ही इसे हैंडओवर कर बहुत जल्द ही उद्घाटन कर दिया जाएगा। हवाई अड्डा आजमगढ़-अयोध्या मुख्य मार्ग पर स्थित मंदुरी में करीब 104 एकड़ भूमि में बनाया गया है। साल 2005 में यहां पहले हवाई पट्टी थी। जहां पर कई बार नेताओं के विमान उतरकर उड़ान भर चुके हैं। नवंबर 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मंदुरी हवाई पट्टी का विस्तार करते हुए उसे हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की। अप्रैल 2019 में निर्माण कार्य के लिए शासन द्वारा 18.21 करोड़ रुपये का बजट जारी किया। धन मिलने के बाद निर्माण कार्य जोर पकड़ा और हवाई अड्डा बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। इस हवाई अड्डे के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को नोडल नियुक्त किया गया था। निर्माण कार्य वाराणसी एयरपोर्ट अथारिटी की देखरेख में संपन्न हुआ है। बताया जा रहा है कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद यहां से हवाई यात्रा शुरू हो जाएगी।
केस- 3, नौ साल से कला भवन बनने की बाट जोह रहे रंगमंच से जुड़े कलाकार
जिले की सांस्कृतिक धरोहर हरिऔध कला भवन का निर्माण प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। वर्ष 2006 में बारिश के दौरान जर्जर हरिऔध कला भवन धराशायी हो गया था। प्रदेश में सपा सरकार बनी तो मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल करते हुए 17 करोड़, 17 लाख 73 हजार का प्रोजेक्ट बना। स्वीकृति के बाद आठ करोड़ रुपये अवमुक्त हुआ। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने इसका निर्माण 27 दिसंबर 2014 से शुरू हुआ और नवंबर 2016 में ही पूरा हो जाना था लेकिन किश्तों में मिल रही शेष धनराशि के कारण परियोजना का कार्य पूरा नहीं हो सका है। सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक एपी सिंह ने बताया कि अब फिनिसिंग का कार्य चल रहा है। भवन निर्माण का 17.17 करोड़ रुपये था जिसमें से करीब 16 करोड़ रुपये मिले हैं। बाकी धन का इंतजार किया जा रहा है।
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नतीजा कार्यदायी एजेंसी भी सुस्त हैं। साइट पर न अधिकारी दिख रहे हैं न ही पर्याप्त मजदूर। कई परियोजनाओं पर काम बंद है तो कुछ पर काम तो हो रहा है पर गिनती के मजदूर दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि बजट की कमी के कारण काम में तेजी नहीं आ रही है वहीं, एजेंसी और अधिकारी इस बात पर मौन साधे हुए हैं। चाहे वह गोला-हाजीपुर पुल हो, मंदुरी एयरपोर्ट या फिर हरिऔध कलाभवन हो। सब के सब आज भी अधूरे पड़े हैं। जबकि इसका निर्माण काफी पहले ही हो जाना चाहिए था।
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केस-1, गोला-हाजीपुर पुल का 60 प्रतिशत ही हो पाया कार्य
लाटघाट। देवारांचल को गोरखपुर से जोड़ने के लिए हाजीपुर-गोला पुल पांच साल में नहीं बन पाया है। इसके 25 खंभों में से महज 13 ही बन पाए। अभी 12 और बनने बाकी है। संपर्क मार्ग की 30 प्रतिशत जमीन किसानों से खरीदी ही नहीं जा सकी है। सगड़ी तहसील के उत्तर घाघरा नदी पर हाजीपुर गोला पुल निर्माण वर्ष 2017 से शुरू हुई थी। पुल के 25 पिलर बनाए जाने हैं, जिसमें से अभी 13 पिलर का फाउंडेशन बन पाया है। शेष 12 पिलर पर कार्य चल रहा है। अभी माना जाए तो 60 फीसद काम हो गया है। अभी 40 प्रतिशत काम बाकी है। गोला-हाजीपुर पुल लगभग 1250 मीटर लंबा पुल है। पुल से महुला गढ़वाल बांध तक का संपर्क मार्ग पीडब्ल्यूडी से बनना है। विभागीय लापरवाही के चलते अभी भी पुल बनने में दो से तीन वर्ष लगने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट मैनेजर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम आरएस राय ने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।
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केस-2, जनपदवासियों को मिलेगी जल्द हवाई सुविधा
जनपदवासियों को मंदुरी हवाई अड्डा से हवाई उड़ान की सुविधा जल्द मिलेगी। आचार संहिता खत्म होते ही इसे हैंडओवर कर बहुत जल्द ही उद्घाटन कर दिया जाएगा। हवाई अड्डा आजमगढ़-अयोध्या मुख्य मार्ग पर स्थित मंदुरी में करीब 104 एकड़ भूमि में बनाया गया है। साल 2005 में यहां पहले हवाई पट्टी थी। जहां पर कई बार नेताओं के विमान उतरकर उड़ान भर चुके हैं। नवंबर 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मंदुरी हवाई पट्टी का विस्तार करते हुए उसे हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की। अप्रैल 2019 में निर्माण कार्य के लिए शासन द्वारा 18.21 करोड़ रुपये का बजट जारी किया। धन मिलने के बाद निर्माण कार्य जोर पकड़ा और हवाई अड्डा बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। इस हवाई अड्डे के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को नोडल नियुक्त किया गया था। निर्माण कार्य वाराणसी एयरपोर्ट अथारिटी की देखरेख में संपन्न हुआ है। बताया जा रहा है कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद यहां से हवाई यात्रा शुरू हो जाएगी।
केस- 3, नौ साल से कला भवन बनने की बाट जोह रहे रंगमंच से जुड़े कलाकार
जिले की सांस्कृतिक धरोहर हरिऔध कला भवन का निर्माण प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। वर्ष 2006 में बारिश के दौरान जर्जर हरिऔध कला भवन धराशायी हो गया था। प्रदेश में सपा सरकार बनी तो मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल करते हुए 17 करोड़, 17 लाख 73 हजार का प्रोजेक्ट बना। स्वीकृति के बाद आठ करोड़ रुपये अवमुक्त हुआ। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने इसका निर्माण 27 दिसंबर 2014 से शुरू हुआ और नवंबर 2016 में ही पूरा हो जाना था लेकिन किश्तों में मिल रही शेष धनराशि के कारण परियोजना का कार्य पूरा नहीं हो सका है। सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक एपी सिंह ने बताया कि अब फिनिसिंग का कार्य चल रहा है। भवन निर्माण का 17.17 करोड़ रुपये था जिसमें से करीब 16 करोड़ रुपये मिले हैं। बाकी धन का इंतजार किया जा रहा है।