पापी पेट का सवाल: भूख मिटाने को कूड़े के ढेर से सड़ा-गला खाना खाने लगा शख्स, बेबसी की ये तस्वीर विचलित करने वाली
भूख शांत करने के लिए एक व्यक्ति की ऐसी तस्वीर देख कर किसी का मन भी विचलित हो जाएगा। ऐसी ही समाज और मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सामने आई है।
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कहते हैं कि भूख एक ऐसी चीज है जो इंसान को कुछ भी करने को मजबूर कर देती है। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से ऐसी ही एक बेबसी की तस्वीर सामने आई है। जहां एक शख्स को दो वक्त की रोटी नसीब नहीं हुई तो वह कूड़े के ढेर में पड़े सड़े-गले खाना को तलाश रहा था।
हैरानी की बात यह कि युवक को ऐसा करता देख कई लोगों ने देखा लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ा। मगर, उसी रास्ते से गुजर रहे एक नौजवान ने नजारा देखा तो सड़ा-गला खाना खाने से मना किया और उसे होटल में ले जाकर खाना खिलाया। उसने वीडियो भी बनाया जो फेसबुक पर वायरल हो रहा है। समाज और मानवता को शर्मसार करने वाली ये घटना आजमगढ़ जिले के मार्टीनगंज तहसील क्षेत्र की है।
आज भी लोग भूखे सोने को विवश
खाना खाने और फेंकने के बीच में कभी यह ख्याल नहीं आता कि आखिर अन्न का एक दाना तैयार होने में कितनी मेहनत, समय और पूंजी लगती है। कड़ी मेहनत और लगन से तैयार अन्न को हम बेदर्दी से फेंक देते हैं। और यही अन्न जब किसी भूखे को नहीं मिलती तो उसकी जान भी चली जाती है। कोई भूखा न मरे इसके लिए सरकार और सामाजिक संगठन के लोग कार्य कर रहे हैं। बावजूद इसके आज भी लोग भूखे सोने को विवश हैं। इसकी बानगी मार्टीनगंज तहसील क्षेत्र में देखने को मिली।
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक व्यक्ति कूड़े के ढेर में बैठा है। उसके पास फेंका हुआ खाना है जो सड़कर बदबू कर रहा है। हालांकि वीडियो में खाते हुए वो व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहा है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने उससे सवाल किया कि आप फेंका हुआ खाना क्यों खा रहे हैं। जवाब मिला- भूख लगी है। इस पर वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने कहा कि इस खाने को खाकर आप बीमार हो जाएंगे। इसलिए यह खाना मत खाइये। आप मेरे साथ चलिए, आपको खाना खिलाते हैं।
वीडियो बनाने वाले युवक की सराहना
वीडियो बना रहे व्यक्ति ने उसका पता पूछा तो उसने अपने गांव का नाम सोहौली बताया। बाकी अन्य सवालों का वह जवाब नहीं दे रहा था। यह वीडियो जिला प्रशासन व सामाजिक संगठन के कार्यों पर तमाचा है। वहीं वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने उसे भोजन कराकर मानवता की मिसाल पेश की। जिसकी लोग खूब सराहना कर रहे हैं।
अन्न का वेदों में भी महत्व
वेदों में अन्न को साक्षात ईश्वर मानते हुए 'अन्नम् वै ब्रह्म' लिखा गया है। वैदिक संस्कृति में भोजन मंत्र का प्रावधान है। जिसका सामूहिक रूप से पाठ कर भोजन ग्रहण किया जाता है। वेदों में ' अन्नं बहु कुर्वीत' कहा गया है, यानि अन्न अधिक से अधिक उपजाइए। कृषि और ऋषि प्रधान इस देश में अगर हम अन्न का महत्व नहीं समझेंगे तो भविष्य में प्रकृति खुद ही हमें समझा देगी।