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मंडल को टॉप 10 में लाना सुनिश्चित करें अधिकारी: मंडलायुक्त

Tue, 23 Aug 2022 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 12:09 AM IST
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Make sure to bring Mandal in top 10: Divisional Commissioner
आजमगढ़। मंडलायुक्त मनीष चौहान ने सोमवार को अपने कार्यालय सभागार में सर्वोच्च विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों तथा कर करेत्तर एवं अन्य राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मंडलीय समीक्षा के दौरान विभागीय कार्यों में तेजी लाते हुए प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से समय सीमा के अंदर फीड कराने को कहा। साथ ही मंडल को टॉप-10 में लाने को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मंडलायुक्त ने कहा कि कतिपय कार्यों में प्रगति अपेक्षा अनुरूप होने के बावजूद उसकी समय से ऑनलाइन फीडिंग नहीं कराये जाने के कारण जनपद एवं मंडल की रैंकिंग प्रभावित होती है। इसलिए सबंधित अधिकारियों को इसके प्रति सतर्क रहना होगा। किसानों का केवाईसी प्राथमिकता पर करायें। सत्यापन में जिन लोगों के खाते में गलत ढंग से धनराशि भेजी गई है उनसे वसूली की कार्रवाई कराएं। अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई को निर्देशित किया कि बोरिंग की क्वालिटी किसी भी दशा में खराब नहीं मिलनी चाहिए। जिन विभागों का जो भी विद्युत बकाया है वे अपने विभाग से तत्काल भुगतान के लिए बजट की मांग करें।
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संयुक्त कृषि निदेशक को निर्देश दिया कि डाटा फीडिंग लक्ष्य के सापेक्ष है, लेकिन डाटा सुधार पूर्ण नहीं है। आयुष्मान भारत योजना के तहत जनपदों में गोल्डेन कार्ड कम बने हैं। उन्होंने अपर निदेशक, स्वास्थ्य को निर्देश दिया कि गोल्डेन कार्ड में जहां का कवरेज कम है, वहां कैंप लगाकर व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए कार्ड बनाएं। इस अवसर पर डीएम बलिया सौम्या अग्रवाल, डीएम मऊ अरुण कुमार, अपर आयुक्त हंसराज, संयुक्त विकास आयुक्त ओपी आर्य, वन संरक्षक डा. बीसी ब्रम्हा, सीडीओ बलिया प्रवीण कुमार वर्मा, सीडीओ मऊ रामसिंह वर्मा, एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र व एबी सिंह आदि उपस्थित थे।
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गो आश्रय के लिए भूमि खोजने का निर्देश
आजमगढ़। मंडलायुक्त ने निराश्रित गोवंश के संरक्षण की समीक्षा के दौरान कहा कि यदि जनपद स्तर पर वृहद गोवंश आश्रय स्थल स्थापित किया जाए तो उसमें 2-3 हजार निराश्रित गोवंश को आसानी से संरक्षित किया जा सकता है। उनकी देखभाल, उपचार आदि की व्यवस्था भी सुगमतापूर्वक हो सकेगी। इसके लिए तीनों जनपद के जिलाधिकारियों से कहा कि इसके लिए भूमि चयन के साथ ही अन्य कार्रवाई करायें। सभी सीडीओ को निर्देश दिया कि जनपदों में निराश्रित गोवंश को जिन पशुपालकों, किसानों की सुपुर्दगी में दिया गया है उनके भुगतान का नियमानुसार सत्यापन कराते रहें।
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