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महंगू को नहीं मिली दुल्हन
azamgarh
Updated Thu, 24 Mar 2016 10:28 PM IST
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बुढ़वा की बारात में अपनी दुल्हनियां की तलाश में सज-धजकर निकाला महंग
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होली की पूर्व संध्या पर बुधवार की देर शाम को श्रीजगदीश जी हनुमान दल अखाड़ा द्वारा बुढ़वा की बारात निकाली गई। लेकिन इस वर्ष भी बुढ़वा को अपनी दुल्हनियां से मिलने की आस पर पानी फिर गया। वहीं बारात में विभिन्न प्रकार की झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
श्री जगदीश जी हनुमान दल अखाड़ा को ओर से लाग की झांकी और बुढ़वा की बारात देर शाम को जामा मस्जिद के पास से निकाल गई। झांकी शुरुआत झांकियों की आरती उतारकर और देवी-देवताओं को माला पहनाकर किया।
झांकियों में गरुण देव, हनुमान जी, श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और माता सीता की झांकी आकर्षक रही। हनुमान जी द्वारा सूर्य देव को निगलने की झांकी आकर्षक रही।
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वहीं बुढ़वा की बारात में दूल्हा मंहगू एक बार फिर अपने बारातियों के साथ दुल्हन की खोज में निकाला,
इस दौरान बाराती भी इस बार महंगू को दुल्हन मिलने को लेकर काफी उत्साहित थे। लेकिन महंगू के साथ ही बारातियों को भी निराशा ही हाथ लगी और वह एक बार फिर कुंवारा महंगू नाचते-गाते बारातियों के साथ वापस लौट गया। बाराती काफी मायूस थे, लेकिन होली की मस्ती में जमकर झूमे।
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श्री जगदीश जी हनुमान दल अखाड़ा को ओर से लाग की झांकी और बुढ़वा की बारात देर शाम को जामा मस्जिद के पास से निकाल गई। झांकी शुरुआत झांकियों की आरती उतारकर और देवी-देवताओं को माला पहनाकर किया।
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झांकियों में गरुण देव, हनुमान जी, श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और माता सीता की झांकी आकर्षक रही। हनुमान जी द्वारा सूर्य देव को निगलने की झांकी आकर्षक रही।
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वहीं बुढ़वा की बारात में दूल्हा मंहगू एक बार फिर अपने बारातियों के साथ दुल्हन की खोज में निकाला,
इस दौरान बाराती भी इस बार महंगू को दुल्हन मिलने को लेकर काफी उत्साहित थे। लेकिन महंगू के साथ ही बारातियों को भी निराशा ही हाथ लगी और वह एक बार फिर कुंवारा महंगू नाचते-गाते बारातियों के साथ वापस लौट गया। बाराती काफी मायूस थे, लेकिन होली की मस्ती में जमकर झूमे।