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Azamgarh News: राजस्थान की तरह 250 विद्यालयों के जर्जर भवनों को गिरने का इंतजार
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आजमगढ़। राजस्थान के झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में शनिवार को चार दशक पुराने सरकारी स्कूल की छत का हिस्सा ढहने से सात बच्चों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। ऐसे में आजमगढ़ जिले में भी 250 से अधिक परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं जिनके भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं लेकिन अब भी ये स्कूल परिसर में मौजूद हैं। जर्जर भवन के बगल में ही बने नए भवन में नौनिहालों की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों ने जर्जर भवनों के ठीक बगल में नया भवन तो बना दिया मगर पुराने ढांचे को हटाने या सुरक्षित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजतन लंच ब्रेक या खेल के दौरान बच्चे अक्सर पुराने भवनों में चले जाते हैं जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार 250 भवन जर्जर घोषित हैं फिर भी उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अधर में लटकी है। राजस्थान की घटना एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। संवाद
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इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। ऐसे में आजमगढ़ जिले में भी 250 से अधिक परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं जिनके भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं लेकिन अब भी ये स्कूल परिसर में मौजूद हैं। जर्जर भवन के बगल में ही बने नए भवन में नौनिहालों की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
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जिम्मेदार अधिकारियों ने जर्जर भवनों के ठीक बगल में नया भवन तो बना दिया मगर पुराने ढांचे को हटाने या सुरक्षित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजतन लंच ब्रेक या खेल के दौरान बच्चे अक्सर पुराने भवनों में चले जाते हैं जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार 250 भवन जर्जर घोषित हैं फिर भी उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अधर में लटकी है। राजस्थान की घटना एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। संवाद
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