{"_id":"612924858ebc3e79f63d27a3","slug":"life-imprisonment-for-husband-who-killed-wife-azamgarh-news-vns608309989","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी की हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी की हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास
विज्ञापन
आजमगढ़। दहेज के लिए पत्नी की जला कर हत्या कर देने के मुकदमें की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं डेढ़ लाख का जुर्माना भी लगाया गया। यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात सौरभ सक्सेना ने शुक्रवार को सुनाया।
अभियोजन कथन के अनुसार बलिया जिले के रसड़ा थाना अंतर्गत बनिया बाछ गांव निवासी अशोक सिंह के बहन शैल सिंह की शादी जहानागंज थाना के किशुनपुर गांव निवासी अभिमन्यु सिंह पुत्र स्व. संपत्ति सिंह के साथ घटना से लगभग 12 साल पूर्व हुई थी। घटना से कुछ माह पहले अभिमन्यु सिंह अपने पत्नी शैल पर मायके से पांच लाख रुपये लाने का दबाव बना रहे थे। मायके वालों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शैल ने यह बात मायके वालों को नहीं बताई। जिससे नाराज होकर अभिमन्यु सिंह ने 26 अप्रैल 2015 को रात साढ़े बजे शैल पर मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा दिया। जिससे शैल सिंह झुलस गई और जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। भाई अशोक सिंह ने मुकदमा पंजीकृत कराया। पुलिस ने जांच के बाद पति अभिमन्यु सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या में चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता शिवाश्रय राय ने वादी अशोक सिंह, पुष्पा सिंह, युवराज सिंह, तहसीलदार सत्यनारायण चौहान, अरविंद यादव, डॉ. सुभाष सिंह, डॉ. एचडी भारती तथा बालमुकुंद सिंह को बतौर गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी पति अभिमन्यु सिंह को आजीवन कारावास तथा डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
अभियोजन कथन के अनुसार बलिया जिले के रसड़ा थाना अंतर्गत बनिया बाछ गांव निवासी अशोक सिंह के बहन शैल सिंह की शादी जहानागंज थाना के किशुनपुर गांव निवासी अभिमन्यु सिंह पुत्र स्व. संपत्ति सिंह के साथ घटना से लगभग 12 साल पूर्व हुई थी। घटना से कुछ माह पहले अभिमन्यु सिंह अपने पत्नी शैल पर मायके से पांच लाख रुपये लाने का दबाव बना रहे थे। मायके वालों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शैल ने यह बात मायके वालों को नहीं बताई। जिससे नाराज होकर अभिमन्यु सिंह ने 26 अप्रैल 2015 को रात साढ़े बजे शैल पर मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा दिया। जिससे शैल सिंह झुलस गई और जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। भाई अशोक सिंह ने मुकदमा पंजीकृत कराया। पुलिस ने जांच के बाद पति अभिमन्यु सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या में चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता शिवाश्रय राय ने वादी अशोक सिंह, पुष्पा सिंह, युवराज सिंह, तहसीलदार सत्यनारायण चौहान, अरविंद यादव, डॉ. सुभाष सिंह, डॉ. एचडी भारती तथा बालमुकुंद सिंह को बतौर गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी पति अभिमन्यु सिंह को आजीवन कारावास तथा डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन