आजमगढ़: नाबालिग संग दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा, 30 हजार का अर्थदंड भी लगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के मुकदमे में सुनवाई पूरी करते हुए न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 30 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया। पाक्सो कोर्ट के जज रवीश कुमार अत्री ने यह फैसला सुनाया।
आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 मार्च 2015 की रात में नाबालिग को फोन करके घर से बाहर बुलाकर अपहरण कर लिया गया था। पीड़िता के संरक्षक मामा ने इस मामले में दिलशाद उर्फ शेरू निवासी नुआवा थाना बरदह के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद पीड़िता को एक हफ्ते बाद बरामद कर लिया। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी दिलशाद के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की। अभियोजन पक्ष की तरफ से पीड़िता समेत कुल सात गवाहों के न्यायालय में बयान हुए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी दिलशाद को आजीवन कारावास तथा तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इस मामले में बेहतर विवेचना के लिए एसपी अनुराग आर्य ने तत्कालीन विवेचक निरीक्षक जगदीश उपाध्याय को 2000 व पैरोकार मनीष कुमार को 1000 का नकद इनाम व प्रशस्तिपत्र देने की घोषणा की है।