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चाय-पान की दूकानों में भी ‘एलजी’
azamgarh
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:30 PM IST
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-घर के अंदर तलाशी लेते डीआईजी उदय शंकर जायसवाल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आजमगढ़। पुलिस और आबकारी विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी अवैध शराब के बनने और बिकने पर कोई अंकुश नहीं है। सगड़ी क्षेत्र में घाघरा के किनारे बसे कई गांवों में कच्ची शराब का काला धंधा बड़े पैमाने पर तो ही है, पचास से साठ एमएल के पाउच में देसी शराब की बिक्री भी खूब होती है।
इस पाउच की पहचान एलजी नाम से है। देसी शराब से भरी इस छोटे पाउच की कीमत दस रुपये होती है जो आसानी से चाय-पान की दूकान पर मिलती है। धंधे से हर वर्ग के लोग यहां तक की बच्चे तक जुड़े हैं। इस पर रोक के लिए क्षेत्रीय लोगों ने कई बार आबकारी और पुलिस के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सरकार को सर्वाधिक राजस्व आबकारी विभाग से ही प्राप्त होता है। अंग्रेजी शराब की कीमतों में बढ़ोतरी से निम्न वर्ग के लोगों का जोर देशी शराब पर ही होता है। इसका फायदा उठाकर देसी शराब के कारोबारियों ने मात्र दस रुपये में एलजी शराब का पाउच बाजार में उतार दिया।
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जिसे हर कोई आसानी से खरीद लेता है। स्प्रिट से तैयार होने वाले एक पाउच से लगभग एक लीटर शराब तैयार की जा सकती है। ये एलजी पाउच रौनापार, जीयनपुर, जहानागंज, मुबारकपुर, बिलरियागंज, सिधारी थाना के गांवों में जोरों पर बिक रहा है।
इस धंधे में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं, बूढ़े और बच्चे जुड़े हैं। हालत यह है कि जहानागंज थाना क्षेत्र के सैय्यद मोड़ के पास ये पाउच चाय, पान तक की दूकानों पर आसानी से उपलब्ध है। कही-कहीं देशी शराब के ठेके पर भी इसकी बिक्री की जा रही है। पुलिस जानने के बावजूद इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं करती।
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इस पाउच की पहचान एलजी नाम से है। देसी शराब से भरी इस छोटे पाउच की कीमत दस रुपये होती है जो आसानी से चाय-पान की दूकान पर मिलती है। धंधे से हर वर्ग के लोग यहां तक की बच्चे तक जुड़े हैं। इस पर रोक के लिए क्षेत्रीय लोगों ने कई बार आबकारी और पुलिस के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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सरकार को सर्वाधिक राजस्व आबकारी विभाग से ही प्राप्त होता है। अंग्रेजी शराब की कीमतों में बढ़ोतरी से निम्न वर्ग के लोगों का जोर देशी शराब पर ही होता है। इसका फायदा उठाकर देसी शराब के कारोबारियों ने मात्र दस रुपये में एलजी शराब का पाउच बाजार में उतार दिया।
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जिसे हर कोई आसानी से खरीद लेता है। स्प्रिट से तैयार होने वाले एक पाउच से लगभग एक लीटर शराब तैयार की जा सकती है। ये एलजी पाउच रौनापार, जीयनपुर, जहानागंज, मुबारकपुर, बिलरियागंज, सिधारी थाना के गांवों में जोरों पर बिक रहा है।
इस धंधे में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं, बूढ़े और बच्चे जुड़े हैं। हालत यह है कि जहानागंज थाना क्षेत्र के सैय्यद मोड़ के पास ये पाउच चाय, पान तक की दूकानों पर आसानी से उपलब्ध है। कही-कहीं देशी शराब के ठेके पर भी इसकी बिक्री की जा रही है। पुलिस जानने के बावजूद इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं करती।