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Azamgarh News: मुर्दा से जिंदा हुए लाल बिहारी मृतक की फाइल अभिलेखागार से गायब
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आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के अमिलो गांव निवासी लाल बिहारी को 1976 में मृत घोषित कर दिया गया था। लंबे संघर्ष के बाद वह 1994 में जीवित हो गए। लेकिन, अब उनसे जुड़ी फाइल अभिलेखागार से गायब हो गई है। इस मामले में लालबिहारी मृतक ने नगर कोतवाली में तहरीर दी है।
लाल बिहारी मृतक ने बताया कि भू-राजस्व अभिलेखों में 30 जुलाई 1976 को उनको मृतक दिखाते हुए साजिश के तहत चचेरे भाइयों का नाम फर्जी दर्ज कर दिया गया था। जिलाधिकारी व सीआरओ के आदेश पर 30 जून 1994 को राजस्व अभिलेखों में मुझको फिर जिंदा कर दिया गया।
साल 1976 और 1994 की उनसे संबंधित पत्रावलियां डीएम के अधीन राजस्व अभिलेखागारों से नहीं मिल रही है। उन्होंने इन पत्रावलियों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने के लिए कई बार सरकारी कार्यालयों पर प्रार्थना पत्र दिया लेकिन दोनों पत्रावलियां न मिलने के कारण प्रमाणित प्रतिलिपि उनको उपलब्ध नहीं कराई गई।
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उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि दोनों पत्रावलियां, धोखाधड़ी कूटरचना तथा प्रार्थी को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से गायब की गई हैं। लाल बिहारी ने थाने में तहरीर देने के साथ ही मुकदमा दर्ज करने के लिए ऑनलाइन भी शिकायत की है।
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लाल बिहारी मृतक ने बताया कि भू-राजस्व अभिलेखों में 30 जुलाई 1976 को उनको मृतक दिखाते हुए साजिश के तहत चचेरे भाइयों का नाम फर्जी दर्ज कर दिया गया था। जिलाधिकारी व सीआरओ के आदेश पर 30 जून 1994 को राजस्व अभिलेखों में मुझको फिर जिंदा कर दिया गया।
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साल 1976 और 1994 की उनसे संबंधित पत्रावलियां डीएम के अधीन राजस्व अभिलेखागारों से नहीं मिल रही है। उन्होंने इन पत्रावलियों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने के लिए कई बार सरकारी कार्यालयों पर प्रार्थना पत्र दिया लेकिन दोनों पत्रावलियां न मिलने के कारण प्रमाणित प्रतिलिपि उनको उपलब्ध नहीं कराई गई।
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उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि दोनों पत्रावलियां, धोखाधड़ी कूटरचना तथा प्रार्थी को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से गायब की गई हैं। लाल बिहारी ने थाने में तहरीर देने के साथ ही मुकदमा दर्ज करने के लिए ऑनलाइन भी शिकायत की है।